
Deoghar: कोलकाता के आर जी कर मेडिकल कॉलेज में ड्यूटी डॉक्टर के साथ हुए सामूहिक बलात्कार और नृशंस हत्या एवं उसके बाद के घटनाक्रम के विरोध में पूरे देवघर जिले में राष्ट्रीय आई एम ए के आह्वान पर ऐतिहासिक बंद हुआ। सभी चिकित्सकों ने कार्य बहिष्कार किया जो 18 अगस्त तक जारी रहेगा। केवल आकस्मिक सेवाओं को जारी रखा गया है।

कार्य बहिष्कार के दौरान 87 डॉक्टर सदर अस्पताल में एकत्र हुए और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए सावधानियों पर चर्चा की। सभी ने दिवंगत चिकित्सक की आत्मा की शांति के लिए 2 मिनट का मौन रखा।

डॉक्टरों की मांग है कि सही दिशा में अनुसन्धान करते हुए जल्द से जल्द दोषियों को गिरफ्तार कर फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट के द्वारा फाँसी की सजा निश्चित समायावधि के अंदर सुनिश्चित की जाए, जिससे भविष्य में कोई अपराधी ऐसा करने की कल्पना भी न कर सके। इसके अलावा राष्ट्रीय आई एम ए की चार और मांग पर अविलम्ब कार्य हो। जो ये हैं…
1. कोविड महामारी के समय जो क़ानून डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए आया था उसी को सेंट्रल मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट की तरह लागू किया जाए।
2. अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था किसी एयरपोर्ट से कम न हो और सभी अस्पतालों को सुरक्षित क्षेत्र घोषित किया जाए वहां सीसीटीवी सुरक्षा कर्मियों की पर्याप्त मात्रा में ड्यूटी लगाई जाए।
3. रेजिडेंट डॉक्टर की 36 घंटे वाली ड्यूटी में उनकी सुविधाओं का ध्यान रखा जाए।
4. पीड़ित परिवार के लिए उचित और सम्मानजनक मुआवजा दिया जाए।
इस आंदोलन को इंडियन डेंटल एसोसिएशन, आयुष चिकित्सा पदाधिकारी संघ, आल इंडिया नर्सेज फेडरेशन, फिजियोथेरेपी एसोसिएशन, मेडिकल रिप्रेजेन्टेटिव एसोसिएशन, लैब तकनीशियन एवं झारखण्ड चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य कर्मचारी संघ का भी समर्थन मिला है।


