
Deoghar: देवघर के विलियम्स टाउन स्थित शिवधाम आवास में एनडीए के गोड्डा लोकसभा स्तरीय समन्वय समिति की बैठक हुई। सांसद सह भाजपा प्रत्याशी डॉ. निशिकांत दुबे की अध्यक्षता में संपन्न बैठक का संचालन गोड्डा लोकसभा क्षेत्र के एनडीए के संयोजक राजेश झा ने किया।

बैठक में भाजपा, आजसू, लोजपा रामविलास व जदयू के नेता व कार्यकर्ता शामिल थे। बैठक में पहुंचे विभिन्न दलों के नेताओं व कार्यकर्ताओं ने चुनाव की रणनीति पर विस्तार से चर्चा करते हुए गोड्डा लोकसभा से एनडीए प्रत्याशी निशिकांत दुबे की जीत सुनिश्चित करने की रणनीति बनाई।

बैठक में वक्ताओं ने कहा कि देश का विकास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हो रहा है और गोड्डा लोकसभा का द्रुतगति से विकास 15 सालों में सांसद निशिकांत दुबे के नेतृत्व में हुआ है। गोड्डा लोकसभा की पहचान आज निशिकांत दुबे बन चुके हैं। जबकि पूर्व में गोड्डा लोकसभा को लोग जानते तक नहीं थे और आज गोड्डा का नाम देश में फैल चूका है।
वक्ताओं ने कहा कि गोड्डा लोकसभा क्षेत्र से एनडीए प्रत्याशी की जीत सुनिश्चित है, लेकिन मतदाताओं को घर से निकलकर बूथों तक ले जाकर मत दिलवाने में हम जैसे कार्यकर्ताओं की अहम भूमिका होती है। हम सब आज से ही गांव गांव घर-घर जाकर मतदाताओं से एनडीए प्रत्याशी के पक्ष में मतदान करने की अपील करेंगे और अधिक से अधिक अंतर से जीत हासिल कर निशिकांत दुबे को चौथी बार सांसद बनाकर केंद्र में मंत्री बनाने की दिशा में काम करने की जरूरत है।
बैठक में निशिकांत दुबे ने कहा कि 2009 में जब हम पहली बार चुनाव लड़ने आए थे तो इस क्षेत्र की हालत क्या थी यह किसी से छुपा हुआ नहीं है। मेरी प्राथमिक शिक्षा देवघर से ही हुई है। यहां के लोगों का दुख दर्द मैं समझ सकता हूं। आज गोड्डा लोकसभा क्षेत्र में डेढ़ लाख करोड़ की विकास योजना पर काम हो रहा है। जिसमें से कितनी योजनाएं पूर्ण हो चुकी है। जबकि आने वाले समय में गोड्डा लोकसभा क्षेत्र की विकास गाथा अपने आप बोलेगी।
उन्होंने कहा कि गोड्डा में अदानी पावर प्लांट, देवघर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, देवघर एम्स, नैनो फर्टिलाइजर फैक्ट्री, प्लास्टिक पार्क, कृषि कॉलेज, रेल लाइन बिछाने, रेल गाड़ी का परिचालन, सड़कों का जाल बिछाने जैसे कई विकास योजनाओं को धरातल पर उतारने का काम किया गया है। उन्होंने कहा कि हम बाहरी भीतरी के पक्षधर नहीं है। साथ ही 1932 के खतियानी के समर्थन में भी हैं। हमें नहीं लगता है कि इसका कोई विरोध करेगा, लेकिन जो शहर या गांव 1956 में शामिल हुआ है उन्हें 1932 का खतियानी कहां से माना जाएगा। इसको लेकर चिंता की विषय है। ऐसे में देवघर, गोड्डा, मधुपुर, चाईबासा, धनबाद व बोकारो जैसे कई इलाके के लोग इससे वंचित रह जाएंगे।
उन्होंने कहा कि आज पिछड़ी जाति से आने वाले नरेंद्र मोदी चाय बेचने का काम कर प्रधानमंत्री बने हैं। जबकि उनकी मां बर्तन मांजा कर अपने बेटे को तराशने का काम की। आज भी नरेंद्र मोदी के भाई परचून की दुकान चलाते हैं।
बैठक में निशिकांत दुबे ने कार्यकर्ताओं को चुनावी जीत का टिप्स देते हुए उनसे सहयोग मांगा।



