
Deoghar: फर्जी क्रेडिट कार्ड पदाधिकारी बनकर लोगों को क्रेडिट कार्ड केवाईसी अपटेड कराने के नाम पर झांसे में लेकर साइबर ठगी का शिकार बनाने वाले गिरोह के 13 सदस्यों को साइबर थाना की पुलिस ने सूचना के आधार पर स्थानीय थाना की पुलिस के सहयोग से गिरफ्तार किया है।

इन साइबर ठगों को देवीपुर, मधुपुर, पाथरोल, करौं, पथरड्डा, सारठ, पालोजोरी, खागा व मोहनपुर थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपितों में सगे भाई के अलावा साइबर ठगी मामले में पूर्व में जेल भी जा चुके ठग शामिल है। इन आरोपितों के पास से 13 मोबाइल फोन, 22 सिम कार्ड व तीन एटीएम बरामद किया गया है। जब्त मोबाइल फोन की प्रारंभिक जांच से देश के कई राज्यों से क्राइम लिंक का पता चला है। साइबर थाना की पुलिस इन लिंक को खंगालने में जुटी है। इतना ही नहीं गिरफ्तार साइबर ठग राहुल कुमार मंडल 2019 में साइबर अपराध में जेल भी जा चुका है।

ये हुए गिरफ्तार
गिरफ्तार होने वालों में देवीपुर थाना क्षेत्र के सूर्याबांधी गांव निवासी आशीष दास, पथरहड्डा ओपी क्षेत्र के सिमरातरी गांव निवासी हरिहर कुमार दास व धनंजय दास (दोनों सगे भाई), घाघरा गांव निवासी संतोष दास, अलुवारा निवासी कृष्णानंद मिर्धा व प्रदीप दास, पाथरोल थाना क्षेत्र के गौनेया गांव निवासी रुपेश कुमार दास, करौं थाना क्षेत्र के गोविंदपुर गांव निवासी अजय दास, सारठ थाना क्षेत्र के चरकमारा गांव निवासी राजीव कुमार दास व विकास दास (दोनों सगे भाई ), पालोजोरी थाना क्षेत्र के बुढ़वाडंगाल गांव निवासी राजा बाबू, खागा थाना क्षेत्र के रघुनाथपुर गांव निवासी जमीर अंसारी व मोहनपुर थाना क्षेत्र के घुटियाबाड़ा असहना गांव निवासी राहुल कुमार मंडल शामिल है।
प्रतिबिंब एप की मदद से तीन माह में 360 साइबर अपराधी हुए गिरफ्तार
एक तरफ प्रतिबिंब एप पुलिस के लिए वरदान साबित हो रहा है तो दूसरी तरफ साइबर अपराध में संलिप्त साइबर ठगों में खौफ समा गया है। हालांकि एप की मदद से लगातार हो रही कार्रवाई के बावजूद साइबर गिरोह के सदस्य नित्य नया-नया पैंतरा आजमा कर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे है। पिछले तीन महिनों की बात करें तो साइबर थाना की पुलिस ने केवल प्रतिबिंब एप की मदद से 360 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज चुकी है। इतना ही नहीं गिरफ्तार साइबर ठगों के पास से इन तीन महीनों में कुल 495 मोबाइल फोन व 743 सिम कार्ड बरामद कर चुकी है। प्रतिबिंब एप के सहारे पुलिस गिरोह का कमर तोड़ने में लगी है। एप की मदद से पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है और सफलता भी हाथ लग रही है। पुलिस का मानना है कि एप की मदद से आगे भी लगातार कार्रवाई चलती रहेगी।


