
Deoghar: वरिष्ठ चिकित्सक डॉ उमेश प्रसाद के निधन के बाद गुरुवार की शाम आई एम ए हॉल देवघर में उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया। सभी सदस्यों ने दो मिनट का मौन रखकर उनके लिए ईश्वर से प्रार्थना की।

बता दें कि उनका जन्म 1942 में भागलपुर में हुआ था। उनकी प्रारंभिक शिक्षा भी भागलपुर में हुई। आधुनिक चिकित्सा विज्ञान की पढ़ाई उन्होंने 1965 में दरभंगा चिकित्सा महाविद्यालय से पूरी की। उसके बाद उन्होंने संयुक्त बिहार में अपनी चिकित्सा सेवा दी और कटिहार जिले के ए सी एम ओ रहे। झारखण्ड में वे देवघर के जिला यक्ष्मा पदाधिकारी रहते हुए सेवानिवृत हुए। उसके बाद आजीवन अपने आवास पर मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं दी। 2020 में कोविड संक्रमण के बाद वे अस्वस्थ रहते थे।

करीब एक सप्ताह पहले डॉ. उमेश को साँस की तकलीफ हुई जिसके लिए उनका ईलाज मेडिका राँची में चल रहा था। सभी प्रयासों के बावजूद सुधार नहीं हो सका और नौ अगस्त को सुबह में उन्होंने अंतिम साँस ली।
डॉ. उमेश इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, देवघर के अध्यक्ष भी रहे।
प्रार्थना सभा मे मौजूद चिकित्सकों ने कहा कि डॉ. उमेश प्रसाद का व्यक्तित्व बहुत गरिमामय एवं प्रभावशाली था, जो हमें हमेशा प्रेरणा देता रहेगा।
प्रार्थना सभा मे आई एम ए झारखण्ड के उपाध्यक्ष डॉ आर एन प्रसाद, आई एम ए देवघर अध्यक्ष डॉ डी तिवारी, उपाध्यक्ष डॉ राजीव कुमार पाण्डेय, संयुक्त सचिव डॉ कुमार गौरव, डॉ ए के जैन, डॉ सुधीर प्रसाद, डॉ राजेश सिन्हा, डॉ राजेश कुमार,डॉ संजय भगत डॉ शत्रुघ्न सिंह, डॉ सुमित कुमार डॉ चंद्रकांत, डॉ निशांत चौरसिया,डॉ बिक्रम मोहन डॉ अमित कुमार केसरी इत्यादि उपस्थित थे।


