
Deoghar: वीमेन डॉक्टर्स विंग आई. एम. ए. झारखण्ड एवं स्वास्थ्य विभाग, झारखण्ड सरकार के संयुक्त तत्वधान में “मेगा महिला स्वास्थ्य शिविर” का आयोजन 23 जुलाई 2023 को सदर अस्पताल, देवघर में किया गया। इस शिविर का उद्घाटन मंत्री स्वास्थ्य, चिकित्सा, शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग बन्ना गुप्ता और सुधा गुप्ता के द्वारा किया गया।

इस समारोह के विशिष्ट अतिथि इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के राष्ट्रीय पूर्व अध्यक्ष डॉ सहजानंद प्रसाद सिंह एवं राष्ट्रीय सचिव डॉ अनिलकुमार जयदेव नायक उपस्थित थे। यह कैंप मुख्य रूप से झारखण्ड में सर्वाइकल कैंसर और स्तन कैंसर उन्मूलन की ओर केन्द्रित था और डॉ भारती कश्यप पिछले 9 वर्षों से लगातार सर्वाइकल कैंसर मुक्त झारखण्ड के लिए प्रयासरत है।

इसके अलावे कार्यक्रम के दौरान मंत्री स्वास्थ्य, चिकित्सा, शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग बन्ना गुप्ता ने देवघर सदर अस्पताल के लिए लायी गई जननांग सम्बन्धी सूजन की जाँच एवं गर्भाशय ग्रीवा प्री-कैंसर के उपचार की मशीन का लोकार्पण कर जनता की सेवा में सुपुर्द किया गया। इस मशीन से न केवल जननांग सम्बन्धी समस्याओं की बेहतर स्क्रीनिंग हो सकती है बल्कि सर्वाइकल प्री कैंसर का उपचार भी हो सकता है। इस मेगा महिला स्वास्थ्य शिविर में मैक्स स्मार्ट सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, साकेत, नई दिल्ली की प्रसिद्द कैंसर स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ मेघा मित्तल की टीम द्वारा शिविर में आने वाले सभी महिला मरीजों की जाँच की गई एवं इसके साथ ही देवघर और जामताड़ा जिला में काम करने वाली सरकारी स्त्री रोग विशेषज्ञों को स्तन एवं सर्वाइकल प्री-कैंसर की अत्याधुनिक मशीनों से जाँच एवं क्रायो उपचार का प्रशिक्षण भी दिया गया।
कार्यक्रम के दौरान मंत्री स्वास्थ्य, चिकित्सा, शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग बन्ना गुप्ता ने कहा कि सरकार राज्य से सर्वाइकल और ब्रेस्ट कैंसर उन्मूलन के लिए गंभीर है। वूमेन डॉक्टर्स विंग ने सर्वाइकल कैंसर उन्मूलन की रोड मैप को बनाने में काफी साथ दिया है और अब हम बहुत जल्द अपने राज्य में सर्वाइकल कैंसर के वैकसिनेशन को शुरू करने के लिए प्रयासरत है। साथ ही अब ब्रेस्ट कैंसर उन्मूलन के लिए भी काम शुरू किया गया है।
आगे डॉ भारती कश्यप, राष्ट्रीय सह-अध्यक्ष विमेन डॉक्टर्स विंग इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने कहा कि सर्वाइकल कैंसर के लक्षित समूह के 50ः समूह की सफलतापूर्वक जाँच हो चुकी है। आशा है भविष्य में हम सम्पूर्ण लक्ष्य की प्राप्ति में सफल होंगें।
देश में हर साल 67 हजार महिलाएं सर्वाइकल कैंसर से दम तोड़ देती हैं। सर्वाइकल कैंसर भारत में फैले सभी प्रकार के कैंसर में दूसरे सबसे आम नंबर का कैंसर है। कैंसर का यह प्रकार सबसे अधिक प्रेवेंटेबल और सफलतापूर्वक ठीक किए जाने वाला कैंसर है। झारखंड में महिलाओं को होने वाली स्तन एवं सर्वाइकल कैंसर बीमारी के उन्मूलन के लिए वीमेन डॉक्टर्स विंग ने झारखण्ड सरकार के साथ मिलकर एक विशेष प्लान झारखंड मॉडल तैयार किया है। 2021 में स्वास्थ्य विभाग झारखण्ड सरकार और डॉ भारती कश्यप के नेतृत्व में विमेन डॉक्टर्स की टीम ने देश के शीर्ष कैंसर स्त्री रोग विशषज्ञों के साथ लम्बे विचार-विमर्श के बाद यह निष्कर्ष निकाला कि डब्लूएचओ की सर्वाइकल कैंसर उन्मूलन नीति 90-70-90 के तीसरे भाग को लेकर हम चलें और इसे संशोधित कर झारखण्ड में लागू करें, तो झारखण्ड जैसे कम रिसोर्स वाले राज्य में सर्वाइकल कैंसर उन्मूलन में काफी सफलता मिल सकती है। फिर सीमित संसाधन वाले राज्य के लिए बनाए गए इस झारखंड मॉडल को राज्य में लागू करने का निर्णय लिया गया। 2021 में तत्कालीन अभियान निदेशक के द्वारा इस निर्णय को सभी सिविल सर्जनों को अमल हेतु प्रेषित किया गया था। कैंसर रोग विशेषज्ञ के साथ बातचीत कर यह बात सामने आयी कि अगर हम प्रजनन क्षमता वाली 6ः ऐसी महिलाओं की स्क्रीनिंग करें, जो हाई-रिस्क कैटेगरी की हैं या जिनको जननांग संबंधी सूजन के संभावित लक्षण हैं और अगर हम उनका इलाज कर देते हैं, तब हम 100ः Pelvic Inflammatory Disease से ग्रसित महिलाओं की स्क्रीनिंग करने में सफल हो जाएंगे। प्रजनन क्षमता वाली ऐसी महिलाओं की वर्तमान में झारखंड में संख्या 2,70,000 (दो लाख सत्तर हजार) है। माननीय मंत्री जी ने इस पर अमल करते हुए 2021 में महिलाओं की जाँच अनिवार्य कर दिया। इसके अलावा सुरक्षित मातृत्व योजना के अंतर्गत बच्चा होने के 12 सप्ताह के बाद आने वाली महिलाओं एवं उनके साथ आने वाली महिलाओं की स्क्रीनिंग को भी अनिवार्य किया गया, जो हाई रिस्क कैटेगरी की थी या जिनमें कोई संभावित लक्षण है। इस पहल के बहुत ही सकारात्मक परिणाम सामने आए। वीमेन डॉक्टर्स विंग, आईएमए तथा राज्य स्वास्थ्य विभाग द्वारा सर्वाइकल कैंसर की स्क्रीनिंग हेतु वित्तीय वर्ष 2021-2022 में अप्रैल 2021 से मार्च 2022 तक के लिए 2,70,678 (दो लाख सत्तर हजार छः सौ अठहत्तर) का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। निर्धारित लक्ष्य में से कुल 1,26,976 (एक लाख छब्बीस हजार नौ सौ छिहत्तर) लक्ष्य की प्राप्ति हुई।
मेगा महिला स्वास्थ्य शिविर में भाग लेने आई दिल्ली की कैंसर स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ मेघा मित्तल ने सर्वाइकल कैंसर उन्मूलन की डब्ल्यूएचओ की इस संशोधित नीति की काफी सराहना की और दूसरे राज्यों की विमेन डॉक्टर्स विंग को भी इस नीति को अपने-अपने राज्यों में अपनाकर काम करने की सलाह भी दी। डब्ल्यूएचओ की सर्वाइकल कैंसर उन्मूलन नीति के तीसरे भाग को लेकर बनाए गए इस मॉडल के द्वारा हम जननांग संबंधी सूजन की 100ः महिलाओं की स्क्रीनिंग कर सकते हैं। स्वास्थ्य विभाग ने इस मॉडल को झारखंड में लगाया है और इसके द्वारा प्रजनन क्षमता वाली 6ः ऐसी महिलाओं की स्क्रीनिंग सुनिश्चित की गई जिन्हें जननांग संबंधी सूजन के लक्षण हैं या वह सर्वाइकल कैंसर की हाइ रिस्क कैटेगरी में आती हैं।
सर्वाइकल कैंसर के लक्षण
* महिलाओं में रजोनिवृत्ति के उपरांत रक्तस्त्राव होना।
* संभोग के दौरान रक्तस्त्राव होना।
* दो माहवारियों के बीच में अचानक रक्तस्त्राव होना।
* योनि से बदबूदार स्त्राव।
निम्न लोगों को हाई रिस्क कैटेगरी में रखा गया है, जिन्हें सर्वाइकल कैंसर होने की सम्भावना ज्यादा होती है-
*18 वर्ष के कम आयु के पूर्व संभोग करना।
*एक से अधिक लोगों के साथ यौन संबंध ।
*यौन रोगों का व्यक्तिगत इतिहास ।
*कई गर्भधारण
*बिना डॉक्टर की सलह के गर्भनिरोधक गोलियों को लम्बे समय तक प्रयोग ।
*कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली ।
*धूम्रपान / तम्बाकू को सेवन ।
जरूर करें
*यदि आप ऊपर दिये गये किसी भी लक्षण को अनुभव करें तो शीघ्र ही डॉक्टर से सलाह लें।
*सभी विवाहित अथवा यौन सक्रिया महिलाओं तथा प्रौढ़ महिलाओं को नियमित रूप से विजुअल इंस्पेक्शन विद एसेटिक एसिड (वाया) या विजुअल इंस्पेक्शन विद लुगल्स आयोडीन (विल्ली) जाँच करानी चाहिए।
*सही जननांग स्वच्छता बनाएं रखें।
*किशोरावस्था एवं प्रारंम्भिक युवा अवस्था में यौन संबंध रखने से बचें।
*एक से अधिक लोगों के साथ यौन संबंध न रखें।
*यौन प्रसारित बीमारियों से स्वयं को बचाएं।
*किसी भी प्रकार के तम्बाकू उत्पाद का प्रयोग न करें।
*9 से 25 वर्ष के आयु में एच०पी०बी० टीकाकरण करवा कर स्वयं को बचाए ।
*अधिक सुरक्षा हेतु टीकाकरण किशोर अवस्था में यौन सक्रिया होने से पूर्व कराएं।
*याद रखें कि टीकाकरण के पश्चात भी नियमित रूप से जाँच अवश्य कराएं।
ब्रेस्ट कैंसर
शहरी महिलाओं में यह कैंसर सबसे अधिक पाया जाता है। ग्रामीण महिलाओं में यह दूसरा सामान्य तौर पर पाया जाने वाला कैंसर है। आजकल कम उम्र में ही स्तन कैंसर के मामले सामने आने लगे हैं। यह स्तन में असामान्य रूप से कोशिकाओं के परिवर्तन और वृद्धि होने से होता है, यही कोशिकाएं मिलकर ट्यूमर बनाती हैं।
लक्षण- दूध जैसा सफेद पदार्थ या खून आना, स्तन की त्वचा पर नारंगी रंग का स्पॉट दिखाई देना। कोई गांठ, अग्रभाग का धंसा हुआ होना, आकार में बदलाव होना।
कार्यक्रम के दौरान उपरोक्त के अलावे सिविल सर्जन डॉ यूगल किशोर चौधरी, राष्ट्रीय सह अध्यक्ष वीमेन डॉक्टर्स विंग इंडियन मेडिकल एसोसिएशन डॉ भारती कश्यप, साथ स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी व कर्मी आदि उपस्थित थे।


