
Deoghar: श्रावणी मेला में बाहर से आकर देवघर में अस्थायी दुकान लगाने वालों से रंगदारी मांगने के मामले में अपराधी बाबा परिहस्त एवं उसके 18 गुर्गे सहित सात-आठ अज्ञात पर मामला दर्ज किया गया है। यह मामला नगर थाना में पदस्थापित एसआई सुबोध चन्द्र प्रमाणिक के बयान पर दर्ज किया गया है। जिसमें से 10 अपराधियों को हथियार के साथ गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।

कहा है कि इन अपराधियों के द्वारा मानसरोवर निवासी अपराधी बाबा परिहस्त इशारे पर सड़क किनारे स्थित स्थानीय प्रत्येक दुकानदारों से रोज तीन-तीन सौ रूपये रंगदारी वसुलता है और कलेक्शन का रूपया बाबा परिहस्त को देता है उक्त रूपये को बाबा परिहस्त गैंग के सदस्य आपस में बांट लेते हैं।

पुछताछ में जेल गये आरोपियों ने बताया कि बाबा परिहस्त, आर्दश झा, शिबू मिश्रा, प्रशांत द्वारी, अभय गिरी, राहुल मिश्रा, अभिषेक पांडेय, अंकित झा उर्फ ब्रुसली ने श्रावणी में मेला में शिवगंगा के पास लगने वाले दुकान से प्रति दुकान 50-50 हजार रूपये से दो लाख रूपये तक की रंगादरी वसूलने का निर्देष दिया गया था। जिसके लिये इन लोगों को हथियार के साथ कुछ रूपये भी दिये गये थे।
इन अपराधियों पर हुआ मामला दर्ज
रंगदारी मांगने एवं आर्म्स एक्ट के तहत मानसरोवर निवासी बाबा परिहस्त, आर्दश झा, अंकित झा, शिबु मिश्रा, प्रशांत द्वारी, अभय गिरी, राहुल मिश्रा, अभिषेक पांडेय, अंकित झा उर्फ ब्रूसली, चंदु राउत, जय गिरी उर्फ जय भारद्वाज, सूरज कुमार पोद्धार, आदित्य कुमार चौबे, बिमल बहादूर थापा, सोनू केशरी राम मदिर रोड झोंसागढ़ी, शिवम केशरी सनवेल बाजार, अमित केशरी पांडेय गली मेन मार्केट, राहुल परिहस्त नियर बाबा मंदिर, राहुल केशरी सनबेल बाजार सहित सात-आठ अज्ञात पर मामला दर्ज किया गया है।
आशिष मिश्रा गिरोह को धमकाने के लिये 30 मई को की गयी थी फायरिंग
रंगदारी मामले में जेल गये अपराधियों ने 30 मई 2023 को बिलासी शिवपुरी इलाके में की गई गोलीबारी में भी अपनी संलिप्तता को स्वीकार किया है। बताया जाता है श्रावणी मेला में रंगदारी वसुली को लेकर आशिष मिश्रा गिरोह भी तैयारी में जुटा था। इस गिरोह के बीच दहशत फैलाने के लिये बाबा परिहस्त एवं प्रोफेसर कॉलोनी निवासी आदित्य चौबे के इशारे पर आशिष मिश्रा गिरोह के सदस्य नयन ठाकुर, आलोक खवाड़े एवं अन्य पर हवाई फायरिंग किया था। उपरांत आशिष मिश्रा गिरोह कमजोर पड़ गया और सभी सावन से पहले देवघर से बाहर भाग गये। उपरांत निर्भिक होकर श्रावणी मेला में शिवगंगा इलाके में रंगदारी वसूल रहा था।


