
Dhanbad: देश का प्रतिष्ठित माइनिंग इंजीनियरिंग संस्थान आइआइटी आइएसएम (IIT ISM) अपने यहां हो रही असामयिक मौतों को रोकने के लिए यज्ञ करवा रहा है।

30 जून यानी शुक्रवार से दो जुलाई तक सुबह आठ से रात आठ बजे तक यज्ञ का आयोजन हो रहा है। इसमें देवघर के आचार्य के मार्गदर्शन में 15 अन्य आचार्य शामिल हुए है। 30 जून से दो जुलाई तक परिसर के शिव मंदिर में यज्ञ हो रहा है।

जिसको लेकर पहले ही आइआइटी आइएसएम प्रबंधन ने लिए अपने सभी कर्मियों को यज्ञ में शामिल होने के लिए ईमेल भेजकर सूचित किया। इसमें स्पष्ट कहा गया है कि अपने परिसर में अवांछित घटनाओं के निवारण के लिए IIT ISM शिव मंदिर समिति ने हाल ही बैठक कर परिसर में हवन-यज्ञ कराने का निर्णय लिया हुआ है। आइएसएम प्रबंधन ने सभी श्रद्धालुओं ने अनुरोध किया है कि इस महायज्ञ में तन, मन, धन और श्रद्धापूर्वक सहयोग कर अपने संस्थान के सभी सदस्यों के सुखमय जीवन की कामना करें।
जारी तीन दिवसीय यज्ञ का कार्यक्रम
- 30 जून : देव आह्वान, पूजन, संकल्प, रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय जाप आदि
- एक जुलाई : महामृत्युंजय जाप, देवी कवच, अखंड रामायण पाठ, संकीर्तन सहित
- दो जुलाई : महामृत्युंजय जाप, अखंड रामायण पाठ, संध्याकाल सामूहिक हवन, महाप्रसाद वितरण और समापन
छह माह में तीन असमायिक मौत
जानकारी हो कि 14 जून 2023 को आइआइटी आइएसएम संस्थान के स्वीमिंग पूल में डूबने से 37 वर्षीय माइनिंग इंजीनियरिंग विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. यशवंत कुमार गुजाला मौत हो गई। मूल रूप से ओडिशा के बालेश्वर निवासी डॉ. यशवंत अपने कुछ सहयोगियों के साथ आइआइटी आइएसएम परिसर के स्वीमिंग पूल में नहाने पहुंचे थे। इसी दौरान गहरे पानी में चले जाने की वजह से डूब गए।
इससे पहले 16 जनवरी 2023 को इलेक्ट्रॉनिक्स डिपार्टमेंट में जूनियर टेक्निशियन के पद पर कार्यरत दीपक कुमार ने आत्महत्या की। टाइप टू स्टाफ क्वार्टर में अपने बाथरूम के गीजर के पाइप में गमछे का फंदा बनाकर जान दी। इससे पहले उन्होंने किचन में एलपीजी सिलेंडर से खुद को जलाने का भी प्रयास किया। हाथ और चेहरा जला। इससे बात नहीं बनी तो फंदा लगा लिया। बता दें कि आत्महत्या करने के 10 दिन बाद दीपक की शादी थी।
वहीं, छह दिसंबर 2022 को आइआइटी आइएसएम के एक छात्र ने अंबर हॉस्टल के रूम में फांसी लगाकर आत्महत्या की। 2018 बैच के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग का छात्र चेरूकुरी प्रवीण मूल रूप से हैदराबाद का रहने वाला था।
प्रवीण के दोस्त उस दिन फिल्म देखने गए हुए थे और जब शाम चार बजे वे हास्टल लौटे तो रूम बंद पाया। रूम का दरवाजा काफी देर तक खटखटाने के बाद भी जब नहीं खुला तो कमरे का दरवाजा तोड़ा गया। प्रवीण का शव गमछे के सहारे लटका हुआ मिला।
वहीं, आइआइटी आइएसएम में 2018 में भी मुरादाबाद उत्तर प्रदेश के छात्र ने आत्महत्या कर ली थी। पीएचडी छात्र रंजन राठी ने जैसपर हास्टल में आत्महत्या की थी। उस समय भी आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल पाया था। आत्महत्या के समय रंजन का रूम पार्टनर बाहर गया हुआ था।


