
Deoghar: देवघर डीसी उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी मंजूनाथ भजंत्री ने बाबा बैद्यनाथ मंदिर पहुँचकर सुरक्षा व्यवस्था व विधि-व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान उपायुक्त ने मंदिर प्रांगण का निरीक्षण कर आगामी राजकीय श्रावणी मेला,2023 को लेकर की जाने वाली व्यवस्थाओं, श्रद्धालुओं की सुविधा को लेकर किए जाने वाले कार्यों, शीघ्र दर्शनम की व्यवस्था को लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक व उचित दिशा निर्देश दिया। साथ ही उपायुक्त ने बाबा मंदिर प्रांगण, फुट ओवर ब्रिज, क्यू कॉम्प्लेक्स, संस्कार मंडप एवं सभी बाइस मंदिर में किए जाने वाले वाले कार्यों को ससमय पूर्ण करने का निर्देश दिया, ताकि श्रद्धालु सुलभ व सुरक्षित जलार्पण कर सके।

इसके अलावे उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने मंदिर निरीक्षण के क्रम में विधि व्यवस्था, श्रद्धालुओं की सुविधा व सुरक्षा व्यवस्था को लेकर की किए जाने वाले कार्यों पर विस्तृत चर्चा करते हुए मंदिर समन्वय समिति, मंदिर प्रशासन, बाबा मंदिर थाना को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए बाबा मंदिर में श्रद्धालुओं को मिलने वाली व्यवस्थाओं व सुविधाओं को और बेहतर बनाने की दिशा में कार्य करने की बात कही। आगे उपायुक्त ने राजकीय श्रावणी मेला को लेकर पंडा पुरोहित समाज के साथ बाबा मंदिर में बैठक के अलावा बाबा मंदिर जुड़े सभी स्टेक होल्डर्स के साथ जल्द ही बैठक की बात कही। आगे उन्होंने श्रावणी मेला को लेकर की जाने वाली तैयारियों, व्यवस्थाओं को लेकर संबंधित अधिकारियों को 21 जून तक सभी कार्यों को पूर्ण करने का निर्देश दिया। साथ ही उपायुक्त ने बाबा मंदिर प्रांगण व आसपास के क्षेत्रों में विशेष रूप से साफ-सफाई व कचड़ा उठाव को लेकर सफाई टीम बनाने का निर्देश दिया, ताकि स्थल चिन्हित करते हुए सफाई टीम को प्रतिनियुक्त किया जा सके।


इसके अलावे उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने कहा कि मंदिर के आसपास के क्षेत्रों को थर्मोकोल और प्लास्टिक मुक्त बनाने की गति सही दिशा में जा रही है आवश्यकता है दिन प्रतिदिन इसे और बेहतर करते हुए वैकल्पिक सामानों के उपयोग को बढ़ाये, ताकि सही मायने में बाबा मंदिर और आसपास के क्षेत्रों को स्वच्छ और सुंदर बनाया जा सके। आगे उपायुक्त ने मुख्य रूप से भक्तों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के लिए छोटे से छोटे कार्यों को ध्यान देने, सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाये रखने, मंदिर में पॉलिथीन व थर्मोकॉल की जगह दोना पत्तल, मिट्टी, बॉस के डलिया का उपयोग करने के अलावा अतिक्रमण मुक्त बनाये रखने का निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिये गये हैं।
इस दौरान उपरोक्त के अलावा जिला साख्यांकी पदाधिकारी, मुख्य प्रबंधक रमेश परिहस्त, मंदिर समन्वय समिति के सदस्य, प्रबंधक प्रकाश मिश्रा एवं संबंधित अधिकारी व मंदिर कर्मी आदि उपस्थित थे।



