
Deoghar: देवघर जिला स्थित सारठ प्रखण्ड क्षेत्र के ग्रामीण इलाके में इन दिनों उत्पाद अधिनियम की खुलेआम धज्जियां उड़ाते हुए अवैध महुआ शराब की चुलाई एवं बिक्री व्यापक पैमाने पर किया जा रहा है। गौरतलब है कि इस प्रखंड क्षेत्र के अधिकांश गावों में यह अवैध धंधा कुटिर उद्योग का रूप ले चुका है। जिस कारण इस क्षेत्र के चौक-चौराहों के साथ साथ ग्रामीण क्षेत्रों में लगने वाले साप्ताहिक हाटों में अवैध देशी महुआ शराब की बिक्री व्यापक पैमाने पर धड़ल्ले से किया जाता है।

बताया जाता है कि इन अवैध देशी महुआ शराब निर्माताओं द्वारा शराब चुलाई में नौशादर, बाखर,यूरिया खाद, नशायुक्त टेबलेट आदि केमिकल मिला दिया जाता है। जिससे शराब के सेवन करने वाले लोगों के स्वास्थ्य पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। नित्य नई बिमारियों को यह जहरीला शराब जन्म देती है।

बताया जाता है कि महुआ शराब की लत गरीब मजदूर एवं बेरोजगार युवाओं में खास कर देखी जा रही है। इस क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में लगने वाली सप्ताहिक हाट लोधरा, झगराही, मिसराडीह आदि गावों में लगने वाले सप्ताहिक हाटों में हजारों रूपए की महुआ देशी शराब की बिक्री खुलेआम होती है। जिस कारण हाट के दिनों में इस क्षेत्र के ग्रामीण सड़को पर शराबियों को शोरगुल करते हुए आसानी से देखा जा सकता है। जिससे ग्रामीण क्षेत्र के महिलाओं को मानसिक परेशानियों का सामना भी करना पड़ता है।
वहीं, इन सड़को पर आवाजाही करने वाले राहगीरों के साथ मारपीट एवं छिनतई की घटनाएं भी आए दिन घटती ही रहती हैं।
इस संबंध में इस क्षेत्र के बुद्धिजीवियों ने उपायुक्त देवघर एवं उत्पाद विभाग से मांग किया है कि इस क्षेत्र में अवैध शराब बिक्री एवं चुलाई पर रोक लगाई जाए और इस तरह के लोगों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाय।



