
Deoghar/Sarath: देवघर जिला स्थित सारठ प्रखण्ड के विभिन्न जंगलों में पेड़ों की अवैध कटाई व्यापक पैमाने पर किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि इस प्रखंड़ क्षेत्र में कुल तीन हजार 34 हेक्टेयर भूमि में जंगल क्षेत्र फ़ैला हुआ है। इन जंगलों में सरकार द्वारा लाखों करोड़ों रुपए खर्च कर पेड़ तो लगवाया जाता है।

लेकिन लकड़ी माफिया द्वारा दिन प्रतिदिन पेड़ों को काट कर जंगलों को विराण करने पर आमदा है। वही दूसरी ओर वन विभाग की जमीन पर भू-माफियाओं द्वारा कब्जा कर खेत, मकान, सरकारी योजनाओं आदि का निर्माण का कार्य भी जारी है। वही वन विभाग के अधिकारी इस मामले को लेकर चुप्पी साधे हुए हैं। अगर यही रवैया रहा तो आने वाले दिनों में यह क्षेत्र जंगल विहीन हो जाएगा।


हालांकि सरकार एक तरफ जंगल लगाने में करोड़ों रुपए खर्च कर रही है।लेकिन लकड़ी माफिया के द्वारा धड़ल्ले से पेड़ों की कटाई किया जा रहा है।जो एक जांच का विषय बना हुआ है। जबकि वनों से पेड़ों की कटाई से पर्यावरण के साथ साथ प्रकृति पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। जिससे वन क्षेत्र बंजर होते जा रहे हैं,जंगलों की अवैध कटाई के साथ साथ वन क्षेत्र के जमीन पर चल रहे सरकारी योजनाओं आदि पर रोक नहीं लगाई गई तो वह दिन दूर नहीं जब यह प्रखंड क्षेत्र वन विहीन हो जाएगा।
जानकार सूत्र यह भी बताते हैं कि सरकार द्वारा वन विभाग के तहत समाजकी वानकी योजना द्वारा प्रखंड मुख्यालय परिसर, विभिन्न सड़कों के किनारे पेड़ लगाने में लाखों करोड़ों रुपए खर्च कर रही है। लेकिन विभाग द्वारा सिर्फ खानापूर्ति कर सरकारी राशि से अपने पैकेट गर्म कर रहे हैं।
बहरहाल जो भी हो लेकिन इस क्षेत्र के जंगलों की और यदि सरकार एवं वन विभाग के उच्च पदाधिकारियों का ध्यान समय रहते नही दिया गया तो यह क्षेत्र जंगल विहीन होने से इन्कार नहीं किया जा सकता है।जबकि यह प्रखण्ड क्षेत्र वर्षों पूर्व हरा भरा नजर आता था।


