
Deoghar: बाबानगरी देवघर अचानक से झारखण्ड के राजनीतिक मानचित्र पर काफ़ी तेजी से चर्चा का केंद्र बनते जा रहा है। वैसे तो बाबा नगरी देवघर द्वादश ज्योतिर्लिंग के लिए जाना जाता है। बहरहाल बीते 4 फ़रवरी को गृहमंत्री अमित शाह के कार्यक्रम के बाद अचानक से राज्य के मुख्यमंत्री का देवघर आगमन राजनीतिक गलियारे में चर्चा का विषय बन गया है।

गृहमंत्री अपने कार्यक्रम के दौरान एक बड़ी सभा को संबोधित करते हुए झारखंड राज्य की सरकार को देश का सबसे भ्रष्ट राज्य सरकार बताते हुए जमकर निशाना साधा था। इतना ही नहीं राज्य के संथाल परगना प्रमंडल को प्रवासियों का अड्डा बताते हुए कहा था कि लगातार आदिवासी समाज की संख्या घटते जा रही है,आदिवासी महिलाओं पर लगातार अत्याचार हो रहा है और उनके जमीन को बाहरी लुटेरे लूट रहे हैं। लेकिन, मुख्यमंत्री को इन सभी चीजों से कोई मतलब नहीं है।

बहरहाल, राजनीतिक जानकार बताते हैं मुख्यमंत्री के अचानक देवघर का कार्यक्रम का मतलब गृहमंत्री के आरोपों का जबाव देना भी हो सकता है या यह कह सकते हैं लगातार भाजपा के बड़े नेता का संथाल दौरा से जेएमएम में कुछ बैचेनी बढ़ी है। उसी डैमेज को कंट्रोल करने की बात हो सकती है। वहीं सूत्रों की मानें तो मुख्यमंत्री का यह कार्यक्रम उनका निजी कार्यक्रम है।


