
Deoghar: बहुत जल्द जसीडीह स्टेशन का नाम बदल कर बाबा बैद्यनाथधाम स्टेशन हो सकता है। जिसको लेकर प्रक्रिया शुरू हो गई है। साथ ही जो वर्तमान में जो बैद्यनाथाम स्टेशन है उसका नाम बैद्यनाथधाम सिटी करने को लेकर कोशिशें शुरू हो गई है। इस बात की जानकारी गोड्डा सांसद डॉ निशिकांत दुबे ने दी है।
पुराने दस्तावेजों से हुआ खुलासा

दरअसल, पिछले दिनों गोड्डा सांसद डॉ निशिकांत दुबे ने इस्टर्न रेलवे के जीएम को पत्र लिख कर जसीडीह स्टेशन का नाम बदलने की मांग करते हुए इसका नाम बाबा बैद्यनाथ स्टेशन सुझाया था। उनका कहना था कि जसीडीह स्टेशन का नाम कभी बाबा बैद्यनाथ स्टेशन था। यदि इसके दस्तावेज हैं, तो खोजा जाना चाहिए। और अगर पुराने दस्तावेज मिल जाये, तो जसीडीह स्टेशन का नाम बदल कर बाबा बैद्यनाथधाम स्टेशन कर देना चाहिए। सांसद निशिकांत की इस मांग पर इस्टर्न रेलवे के जीएम अरुण अरोड़ा ने पुराने दस्तावेजों को निकलवाया। जिसमें ये साफ हुआ कि डॉ. निशिकांत का दावा सही है कि वाकई जसीडीह स्टेशन का नाम बैद्यनाथ स्टेशन हुआ करता था।
1874 में बैद्यनाथ स्टेशन था आज का जसीडीह स्टेशन

मिले दस्तावेज के आधार पर पुष्टि करते हुए जीएम ने सांसद को पत्र लिखकर कहा कि, 1874 में आज का जसीडीह स्टेशन, बैद्यनाथ स्टेशन था।
1884 में भी मेन लाइन में था बैद्यनाथ स्टेशन (जसीडीह स्टेशन)
जीएम के पत्र में कहा गया है कि जांच में मिला है कि 1874 की कार्य समय-सारणी में बैद्यनाथ स्टेशन दिखता है। उस वक्त यह स्टेशन जंक्शन नहीं था। वहीं 1884 की कार्य समय-सारणी बैद्यनाथ जंक्शन के अस्तित्व को
दर्शाती है। हालांकि बैद्यनाथ स्टेशन 1874 में ही आसनसोल-मोकामा मेन लाइन पर था, पर जंक्शन स्टेशन नहीं था। 1884 में जंक्शन बना। इससे प्रतीत होता है कि जसीडीह बैद्यनाथधाम ब्रांच लाइन तब तक बन चुकी होगी।
जीएम के इस पत्र से सांसद द्वारा कही गयी बात कि रेलवे ने पुष्टि कर दी है कि जसीडीह रेलवे स्टेशन बैद्यनाथ स्टेशन था।
अब बाबा बैद्यनाथधाम होगा जसीडीह स्टेशन का नाम: सांसद
जिसके बाद सांसद निशिकांत ने कहा कि दशकों पहले 1874 से 1884 तक जसीडीह स्टेशन का नाम बैद्यनाथ स्टेशन व बैद्यनाथ जंक्शन था। रेलवे ने अपने पुराने दस्तावेज में इसकी पुष्टि कर दी है। इतना ही नहीं सांसद ने जानकारी दी कि रेलवे ने अब जसीडीह स्टेशन का नाम बदलकर बाबा बैद्यनाथधाम व वर्तमान में जो बैद्यनाथधाम स्टेशन है उसका नाम बैद्यनाथधाम सिटी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है। उन्होंने कहा कि हर साल करोड़ो की संख्या में देवघर आने वाले श्रद्धालुयों को नाम के कारण परेशानी होती है। ऐसे में जसीडीह स्टेशन का नाम बदलकर एक बार फिर बैद्यनाथ धाम स्टेशन हो जाने आम जन मानस को सहूलियत होगी।


