
Deoghar: जिले के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल की हालत आखिर क्यों है बदहाल? यह सवाल पूछा स्थानीय सांसद निशिकांत दुबे नें.. सवाल राज्य सरकार से और जिला प्रसाशन से कि, आखिर क्या वजह है कि डीएमएफटी फंड की चालीस फीसदी राशि का इस्तेमाल कर जिला अस्पताल की सूरत क्यों नहीं बदली जा रही. क्या जिले के अगल अलग इलाकों से मरीज सदर अस्पताल में इलाज कराने नहीं आते?
घटिया है अस्पताल की बिल्डिंग-निशिकांत

रविवार सुबह सांसद निशिकांत दुबे अचानक देवघर के सदर अस्पताल पहुँच गए. इससे पहले कि, अस्पताल के कर्मियों और पदाधिकारियों को संभलने का मौका मिलता, सांसद नें निरीक्षण झरना शुरू कर दिया. और निरीक्षण के दौरान सदर अस्पताल क़ी हकीकत देख सांसद महोदय बिफर पड़े.

ICU क़ी छत में थी दरार और XRay मशीन खराब

निरिक्षण के क्रम में सांसद नें ICU कक्ष को देखा जहां क़ी छत में पड़ी दरार और सीलन साफ नज़र आ गई. इतना ही हूं, अस्पताल के xray मशीन भी खराब थी साथ ही साफ सफाई का आलम यह था क़ी, बदबू बीमारी क़ी दूसरी वजह बनती नज़र आइ. लिहाजा, अस्पताल बिल्डिंग से बाहर निकलते ही सांसद निशिकांत दुबे नें जिला प्रसाशन को जमकर लताड़ लगाई और पूछा क़ी, डीएमएफटी फंड क़ी चालीस फीसदी राशि जो अन्य जगहों पर खर्च करने के बाद बचती है उसका इस्तेमाल, सदर अस्पताल क़ी हालत को सुधारने में क्यों नहीं लगाई जाती. इतना ही नहीं, सांसद नें हेमंत सरकार को गरीब मज़लूम और पैसों के अभाव में इलाज से वंचित लोगों क़ी दुर्दशा के लिए जिम्मेदार ठहराया.


