
Deoghar: पूरे देश में नवरात्रा की धूम देखी जा रही है हर आम और खास लोग माता की आराधना में जुटे हुए हैं। नवरात्रा के पहले दिन से ही कलश स्थापना कर लोग अपने अपने घर में नौ दिनों तक माँ दुर्गा की पूजा अर्चना और दशमीं के दिन विसर्जन करते हैं। ऐसे में आज महानवमी है। देव की नगरी देवघर में आज कई जगह कुंवारी कन्याओं को भोजन कराया जाता है। नवरात्र में बड़े-बड़े पंडाल और मंदिरों में आराधना के साथ-साथ घरों में भी माता रानी की पूजा अर्चना की जा रही है, लेकिन इन सबों से हटकर किन्नर समाज अनोखे अंदाज में मां की आराधना करता है।

किन्नर जो समाज में उपेक्षित हैं। आप दुर्गा पूजा अपने और अपने परिवार की सुख समृद्धि और कल्याण के लिए करते होंगे लेकिन किन्नर समाज खुद के लिए माता रानी से कुछ नहीं मांगता। देवघर के बंधा मोहल्ले में किन्नर समाज का एक भरा पूरा परिवार है। जहां पर दर्जनों किन्नर रहते है। खास बात यह है कि यह किन्नर समाज कई वर्षों से अपने घर में कलश स्थापना कर नवरात्र में पूजा अर्चना करते हैं और उसके बाद बधाइयां लेने के अपने काम पर जाते हैं। इनकी पूजा में एक और खास बात जुड़ी हुई है कि यह अपने लिए कुछ नहीं मांगते। यह अपने शहरवासियों के लिए मां से आराधना करते हैं। इनका कहना है कि जब शहर शांत और समृद्ध रहेगा तभी इनकी रोजी रोटी चलेगी। इसलिए 9 दिनों तक यह मां की आराधना करते हैं और अपने यजमानों की कुशलता और समृद्धि की कामना करते हैं।


किन्नर रोज मौसी ने बताया कि आज नवमी के दिन हम सभी लोग मिलकर कुंवारी कन्याओं को भोजन कराते हैं और अपने यजमान की कुशलता के लिए प्रार्थना करते हैं।



