
Ranchi: राष्ट्रपति चुनाव (presidential election) के दौरान झारखंड में कथित तौर पर हुई क्रॉस वोटिंग को लेकर भाजपा और कांग्रेस (BJP and Congress) के बीच आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party) ने दावा किया है कि राष्ट्रपति चुनाव के लिए हुए मतदान के दौरान झारखंड में कांग्रेस के कई विधायकों ने एनडीए की प्रत्याशी द्रौपदी मुर्मू (NDA candidate Draupadi Murmu) के पक्ष में वोट किया है। दूसरी तरफ कांग्रेस ने इसे भाजपा का सफेद झूठ करार दिया है।
झारखंड विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी के मुख्य सचेतक बिरंची नारायण ने कहा है कि राज्य में मतदान करने वाले 80 में से 65 से ज्यादा विधायकों ने एनडीए की प्रत्याशी द्रौपदी मुर्मू के पक्ष में वोट डाला है। इनमें कांग्रेस के भी आधा दर्जन से ज्यादा विधायक शामिल हैं, जिन्होंने अंतरात्मा की आवाज पर द्रौपदी मुर्मू को वोट दिया।

इधर कांग्रेस विधायक दल के नेता और राज्य के संसदीय कार्य मंत्री आलमगीर आलम ने कहा है कि भाजपा की ओर से गलतबयानी की जा रही है। कांग्रेस के सभी 17 विधायकों ने पार्टी के निर्णय के अनुसार विपक्ष के प्रत्याशी यशवंत सिन्हा को वोट किया है। कोलेबिरा से कांग्रेस के विधायक नमन विक्सल कोंगाड़ी ने इसे भाजपा का दुष्प्रचार बताया है।

इधर एनसीपी के विधायक कमलेश सिंह ने पार्टी लाइन से इतर द्रौपदी मुर्मू के पक्ष में वोट किया। एनसीपी ने विपक्ष के प्रत्याशी यशवंत सिन्हा के समर्थन का एलान किया था। कमलेश सिंह ने कहा कि उन्होंने अंतरात्मा की आवाज पर द्रौपदी मुर्मू के पक्ष में वोट डाला। झारखंड की राज्यपाल के तौर पर उनका कार्यकाल सराहनीय रहा था। इसी वजह से उन्होंने यह फैसला लिया। बता दें कि झारखंड के दो निर्दलीय विधायकों अमित यादव और सरयू राय ने भी द्रौपदी मुर्मू के पक्ष में वोट करने का संकेत दिया। इस तरह एलानिया तौर पर झारखंड से द्रौपदी मुर्मू को 80 में से 60 विधायकों के वोट मिलने तय हैं। इनमें भाजपा के 25, झामुमो के 30, आजसू के दो, एनसीपी के एक और दो निर्दलीय विधायक हैं।


