
Ranchi : झारखंड राज्य सरकार ने पुरानी पेंशन योजना (old pension scheme) लागू करने के लिए मंजूरी दे दी है। राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में वर्तमान नयी अंशदायी पेंशन योजना को समाप्त करने पर सैद्धांतिक सहमति दे दी गयी है। विकास आयुक्त झारखंड की अध्यक्षता में एक तीन सदस्यीय कमेटी बनायी गयी है। कमेटी में वित्त सचिव और कार्मिक सचिव को रखा गया है। यह कमेटी पुरानी पेंशन योजना को लागू करने के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग सिस्टम (sop) तैयार करेगी। कमेटी की रिपोर्ट के बाद पुनः कैबिनेट में प्रस्ताव लाया जायेगा और वर्तमान अंशदायी पेंशन योजना को समाप्त कर पुरानी पेंशन योजना को लागू किया जायेगा।

पुरानी पेंशन के मामले में एक और महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। इसके तहत वैसे राज्य कर्मी जिनकी नियुक्ति की प्रक्रिया 1.12. 2004 के पहले हो गयी थी, पर उनका योगदान 1 दिसंबर 2004 के बाद हुआ तो उन्हें अब पुरानी पेंशन योजना लेने का विकल्प मिलेगा।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में आज हुई कैबिनेट की बैठक में 100 यूनिट तक बिजली फ्री देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी प्रदान कर दी गई। अब झारखंड राज्य के आम उपभोक्ता जो 100 यूनिट तक बिजली खपत करेंगे, उनका बिजली बिल नहीं लगेगा। इस योजना का सबसे अधिक लाभ ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को होगा। क्योंकि शहरी उपभोक्ता के लिए संभव नहीं है कि वह एक सौ यूनिट तक अपना खपत सीमित रखें।
झारखंड सरकार ने वर्तमान में 400 यूनिट तक खपत पर जारी सब्सिडी को जारी रखने का फैसला किया है। इसमें कोई छेड़छाड़ नहीं की गयी है. यानी जिन उपभोक्ताओं को 400 यूनिट तक विभिन्न स्लैबों में जो सब्सिडी लाभ मिल रहा है, वह पूर्व की तरह मिलता रहेगा।
बता दें कि पूर्ववर्ती रघुवर सरकार में 800 यूनिट तक बिजली खपत पर विभिन्न स्लैबों में सब्सिडी दिया जा रहा था। मगर वर्तमान हेमंत सरकार आने के बाद वित्तीय वर्ष 2022-23 से स्लैब को घटाते हुए इसे 400 यूनिट तक कर दिया गया।
यह है वर्तमान बिजली दर (प्रति यूनिट)
- घरेलू ग्रामीण-5.75
- घरेलू शहरी-6.25
- अभी इस तरह मिल रहा है सब्सिडी
- 0-200 यूनिट पर सब्सिडी 2.75 रूपया
- 201-400 यूनिट पर सब्सिडी 2.05 रूपया


