
Deoghar: रामनवमी के दिन देवघर में त्रिकुट पर्वत (Trikut) पर हुए रोप-वे हादसे की जांच शुरू हो गयी है। हादसे की जांच के लिए गठित उच्च स्तरीय समिति मंगलवार को घटनास्थल पर पहुंची। टीम ने अपनी जांच के दौरान रोप-वे संचालन के पूरे रूट को देखा। टीम ने घटना स्थल का निरीक्षण करने के बाद हादसे में फंसे लोगों से बातचीत की। इसके अलावा कर्मचारियों, रोप-वे संचालित करने वाले एजेंसी के प्रतिनिधि,स्थानीय लोगों के बयान दर्ज किए। घटनास्थल की वीडियोग्राफी कराई गई है।

जाँच कमेटी अपने रिपोर्ट में यह बताएगी कि रोप-वे पर हादसा किन वजहों से हुआ और भविष्य में कैसी दुरुस्त व्यवस्था की जाये कि रोपवे का सुरक्षित संचालन किया जा सके।
जाँच कमेटी में ये हैं शामिल

जांच कमेटी का नेतृत्व वित्त सचिव अजय कुमार सिंह कर रहे हैं। इसमें पर्यटन सचिव अमिताभ कौशल, पर्यटन निदेशक राहुल कुमार सिन्हा, डायरेक्टर ऑफ माइंस एंड सेफ्टी रत्नाकर शुंकी और एडवाइजर रोप-वे नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक मैनेजमेंट लिमिटेड एन.सी श्रीवास्तव शामिल हैं।

10 अप्रैल को हुआ था हादसा
जानकारी हो कि 10 अप्रैल को रामनवमी के दिन त्रिकूट रोपवे पर हादसा हुआ था। इसमें तीन लोगों की मौत हो गई थी। करीब 44 घंटे से अधिक समय तक रेस्क्यू ऑपरेशन चला था। 46 लोगों को सेना, एनडीआरएफ और स्थानीय लोगों की मदद से बचा लिया गया था। राज्य सरकार ने हादसे की जांच के लिए 19 अप्रैल को अधिसूचना जारी कर जांच कमेटी का गठन किया। कमेटी को दो महीना में रिपोर्ट देने के लिए कहा गया था। हादसे के करीब तीन माह होने को है तब कमेटी जाँच के लिए मौके पर पहुंची।


