
Deoghar: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (Chief Minister Hemant Soren) की तरफ से रघुवर सरकार के पांच मंत्रियों के खिलाफ जांच के आदेश दिए जाने के बाद पूर्व कृषि मंत्री और सारठ से भाजपा विधयक रणधीर सिंह की मुश्किलें बढ़नी शुरू हो गई हैं। झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL) के मधुपुर अंचल कार्यपालक अभियंता ने पूर्वमंत्री और सारठ से बीजेपी के वर्तमान विधायक रणधीर सिंह और उनके बहनोई अशोक राय के खिलाफ चितरा थाना में IPC की धारा 379, 414, 353, 34 और 136(1)(b) के तहत ट्रांसफार्मर चोरी करने और चोरी का सामान छिपाने में मदद करने के आरोप में FIR दर्ज कर लिया है।

देवघर के मधुपुर प्रक्षेत्र के विद्युत कार्यपालक अभियंता ने सारठ के भाजपा विधायक रणधीर सिंह के निजी परिसर से 10,16 और 25 kva के 37 ट्रांसफॉर्मर जब्त किए हैं।
पूर्व मंत्री ने गैरकानूनी तरीके से रखे थे ट्रांसफार्मर: अधिकारी

विद्युत विभाग के कार्यपालक अभियंता पूरी तैयारी के साथ सारठ विधायक के बहनोई के क्रशर प्लांट में छापेमारी करने पहुंचे थे। इस दौरान उनके साथ विभाग के कई अधिकारियों समेत सारठ की बीडीओ और स्थानीय लोग भी मौजूद थे।पुलिस को दिए अपनी लिखित तहरीर में कार्यपालक अभियंता ने कहा है कि, उक्त कैम्पस से 10, 16kva और 25kva के कुल 37 बेकार पड़े डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर गैरकानूनी तरीके से रखे पाए गए जिसे जेवीएनल के केंद्रीय भंडार देवघर में होना चाहिए था। जिसकी वजह से झारखंड राज्य बिजली वितरण निगम को कुल 7 लाख 17 हज़ार 1 सौ 94 रुपये का नुकसान हुआ है।
कार्यपालक अभियंता ने विधायक पर लगाया दबंगई का आरोप
छापेमारी करने पहुंचे विद्युत विभाग के कार्यपालक अभियंता ने निरीक्षण के दौरान विधायक पर दबंगई करने और अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर विभाग के कनीय अभियंता से अपने पक्ष में रिपोर्ट लिखवाकर दस्तखत करवाने का भी आरोप लगाया है। पुलिस को दिए अपने आवेदन में कार्यपालक अभियंता ने कहा है कि, मौके पर हालात इतने गम्भीर हो चुके थे कि, उन्हें जिलाधिकारी को सूचना देनी पड़ी और फिर मधुपुर अनुमंडलाधिकारी के पहुंचने के बाद कार्रवाई को अंजाम दिया गया।
पूर्वमंत्री के बहनोई ने कहा: मैंने लीज पर लिया था परिसर
पूरे मामले की जानकारी मिलने के बाद जब विधायक के बहनोई अशोक राय से NBT ऑनलाइन ने बात की तो उन्होंने इस पूरे मामले से अपना पल्ला झाड़ लिया। अशोक राय ने बतलाया कि, जिस परिसर में विद्युत विभाग की तरफ से छापेमारी की गई है वह विधायक का निजी परिसर है जिसे उन्होंने लीज पर लिया था लेकिन, लीज की अवधि खत्म हो जाने की वजह से उन्होंने परिसर को विधयक के सुपुर्द कर दिया था। इतना ही नहीं, परिसर के भीतर रखे ट्रांसफार्मर को हटाने को लेकर भी विधयक की तरफ से विभाग को चिट्ठी लिखकर पूर्व में भी मांग की गई थी लेकिन, विभाग ने जानबूझकर बेकार पड़े ट्रांसफार्मर को नहीं हटाया था।
बहरहाल, सारठ से बीजेपी विधायक और उनकी पूर्व जिलापरिषद अध्यक्ष बहन के पति के खिलाफ चोरी का मामला दर्ज होने से सियासी सरगर्मी बढ़ गई है।


