
Deoghar: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कृष्णानंद झा को तबाह करने का फैसला लिया है। ये कहना है गोड्डा से बीजेपी सांसद डॉ. निशिकांत दुबे का। सांसद ने ट्वीट कर ये बातें उस वक़्त कही है जब श्रावणी मेला को लेकर हुई बैठक में देवघर जिला प्रशासन द्वारा हिंदी विद्यापीठ परिसर के अधिग्रहण का फैसला लिया गया।

दरअसल, श्रावणी मेला के मद्देनजर देवघर डीसी मंजूनाथ भजंत्री ने अधिकारीयों के साथ तैयारियों की समीक्षा बैठक की। बैठक में कई फैसले लिए गए। जिसमें एक निर्णय हिंदी विद्यापीठ परिसर के अधिग्रहण को लेकर भी लिया गया।

देवघर डीसी द्वारा बैठक के बाद ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी गयी श्रावणी मेला को लेकर हुई समीक्षा बैठक में ये निर्णय लिया गया कि “आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत हिंदी विद्यापीठ परिसर का अधिग्रहण किया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु होल्डिंग पॉइंट के रूप में उपयोग किया जा सके।”
देवघर डीसी के इसी ट्वीट को रीट्वीट करते हुए एमपी डॉ. निशिकांत ने कहा कि हिंदी विद्यापीठ कॉंग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व मंत्री कृष्णानंद झा के पिता, बिहार के मुख्यमंत्री रहे विनोदानंद झा जी ने आज़ादी के आंदोलन को धार देने के लिए बनाया, जिसे बीजेपी ने हमेशा सम्मान दिया। और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने तो कृष्णानंद झा को तबाह करने का फ़ैसला लिया है।
निशिकांत दुबे ने ट्वीट किया ” मुख्यमंत्री @HemantSorenJMM जी आपने तो कॉंग्रेस @INCIndia के वरिष्ठ नेता व पूर्व मंत्री कृष्णानंद जी को भी तबाह करने का फ़ैसला लिया,हिंदी विद्यापीठ उनके पिता,बिहार के मुख्यमंत्री रहे विनोदानंद झा जी ने आज़ादी के आंदोलन को धार देने के लिए बनाया,@BJP4Jharkhand ने हमेशा सम्मान दिया। “



