
Deoghar: अब देवघर जिले में बिना पंजीकरण के अस्पताल, क्लिनिक, नर्सिंग होम, पैथोलॉजी जॉच घर, एक्स-रे संस्थान संचालित करने पर कार्रवाई की जाएगी। देवघर उपायुक्त सह जिला दण्डाधिकारी मंजूनाथ भजंत्री के निदेशानुसार असैनिक शल्य चिकित्सक सह मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा जानकारी दी गयी है कि Clinical Establishment (Registration & Regulation) Act 2010 के तहत देवघर जिलान्तर्गत संचालित सभी अस्पताल, क्लिनिक, आयुश क्लिनि, नर्सिंग होम, पैथोलॉजी जॉच घर, एक्स-रे संस्थान आदि का पंजीकृत होना अनिवार्य है।

एक्ट की धारा 11 के अंतर्गत कोई व्यक्ति, संस्थान बिना पंजीकृत के अस्पताल, क्लिनिक, नर्सिग होम, पैथोलॉजी जॉच घर, एक्स-रे संस्थान संचालित नही कर सकता है। इसके अलावे सभी पंजीकृत निजी चिकित्सीय संस्थानों को राष्ट्रिय स्वास्थ्य कार्यक्रम से संबन्धित आंकड़े झारखण्ड राज्य क्लिनिकल स्टैब्लिसमेन्ट रूल्स 2013 के नियम 10.3 (ए) के तहत सूचना जिला निबन्धन प्राधिकरण को देना अनिवार्य है।

साथ हीं सभी अस्पताल, क्लिनिक, नर्सिग होम, पैथोलॉजी जॉच घर, एक्स-रे संस्थान आदि में पुछताछ केन्द्र के समीप चिकित्सक का नाम, उनकी योग्यता, मेडिकल कॉउंसिल रजिस्ट्रेशन एवं प्रदत्त सेवाओ के शुल्क का विवरण हिन्दी एवं अंग्रेजी मे प्रदर्शित करना अनिवार्य है।
वहीं देवघर जिलान्तर्गत संचालित सभी चिकित्सीय प्रतिष्ठानो को सूचित किया जाता है कि दिनांक 30.05.2022 तक अनिवार्य रूप से अपने संस्थान के पंजीकरण एवं नवीकरण करवा लें। उसके बाद जिला स्तरीय समिति द्वारा जॉच के दौरान गैर पंजीकृत, गैर नवीकृत प्रतिश्ठान पाये जाने पर उपरोक्त वर्णित प्रावधानो के अर्न्तगत कानूनी कार्रवाई की जायेगी। साथ हीं निबन्धन को लेकर www.clinicalestablishments.gov.in पर लॉगइन कर सकते हैं।
अपंजीकृत निजी संस्थान के द्वारा चिकित्सीय सेवा उपलब्ध कराये जाने पर धारा 41(1) के तहत आर्थिक दण्ड का निम्नवत् प्रावधान है।
- प्रथम बार – 50000/- रू0 तक
- द्वितीय बार – 200000/- रू0 तक
- उत्तरवर्ती बार – 500000/- रू0 तक


