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Jharkhand की पूर्व मधु कोड़ा सरकार पर दाग का एक और रिकॉर्ड, एक तिहाई मंत्री हुए सजायाफ्ता, 50 फीसदी मंत्रियों ने की जेल यात्रा

सोमवार को रांची की सीबीआई कोर्ट के एक फैसले के बाद झारखंड में वर्ष 2006 से 2008 के बीच शासन करने वाली मधु कोड़ा सरकार के नाम एक अजीबोगरीब रिकॉर्ड बन गया।

Ranchi: सोमवार को रांची की सीबीआई कोर्ट के एक फैसले के बाद झारखंड में वर्ष 2006 से 2008 के बीच शासन करने वाली मधु कोड़ा सरकार के नाम एक अजीबोगरीब रिकॉर्ड बन गया। इस सरकार में मंत्री रहे बंधु तिर्की को आय से अधिक संपत्ति के मामले में कोर्ट ने दोषी करार देते हुए तीन साल की सजा सुनाई। इसके साथ ही सरकार के एक तिहाई मंत्री भ्रष्टाचार और आपराधिक मामलों में सजायाफ्ता (कनविक्टेड) हो गये हैं। रिकॉर्ड यह भी है कि इस सरकार के पचास फीसदी मंत्रियों को आपराधिक मामलों की वजह से जेल यात्राएं करनी पड़ीं।

झारखंड विधानसभा के सदस्यों की संख्या के आधार पर यहां राज्य सरकार में मंत्रियों की अधिकतम संख्या 12 होती है। यहां 18 सितंबर 2014 से लेकर 23 अगस्त 2008 तक निर्दलीय विधायक मधु कोड़ा मुख्यमंत्री रहे। उनकी सरकार में भी 12 मंत्री थे। इनमें से छह यानी कुल 50 फीसदी मंत्रियों के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप लगे और उनके खिलाफ सीबीआई जांच बैठी। इनमें मधु कोड़ा के अलावा उनकी कैबिनेट में शामिल रहे एनोस एक्का, हरिनारायण राय, बंधु तिर्की, भानु प्रताप शाही और कमलेश सिंह शामिल हैं। इन सभी के खिलाफ अलग-अलग तरह के घोटालों के भी मामले दर्ज हुए।

मधु कोड़ा 4000 करोड़ के बहुचर्चित कोयला घोटाले में दोषी पाये गये। दिल्ली की पटियाला हाउस स्थित सीबीआई की विशेष अदालत में जस्टिस भरत पराशर ने 16 दिसंबर 2017 को उन्हें 3 साल की सजा सुनाई थी। साथ ही उन पर 25 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया गया था। फिलहाल, कोड़ा जमानत पर हैं।

पूर्व मंत्री हरिनारायण राय पर भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति का आरोप साबित हुआ। सीबीआई कोर्ट ने 2016 में उन्हें पांच साल की सजा सुनाई थी और 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया था। उन्होंने इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की, लेकिन हाईकोर्ट ने भी इस फैसले को बरकरार रखा।

कोड़ा सरकार में ग्रामीण विकास मंत्री रहे एनोस एक्का को ईडी के विशेष जज एके मिश्रा की अदालत ने 23 अप्रैल 2020 को 20 करोड़ 31 लाख की मनी लांड्रिंग के मामले में दोषी करार देते हुए सात साल की सजा सुनाई और दो करोड़ का जुर्माना लगाया। इसके पहले एक शिक्षक की हत्या के मामले में भी उन्हें तीन जुलाई 2018 को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी।

चौथे मंत्री बंधु तिर्की को कोर्ट ने सोमवार को आय से अधिक संपत्ति के मामले में दोषी करार दिया। उनपर 34वें राष्ट्रीय खेल के लिए सामान की खरीदारी में भ्रष्टाचार का भी मुकदमा चल रहा है। भानु प्रताप शाही के खिलाफ दवा घोटाला और आय से अधिक संपत्ति के अलग-अलग मामलों में अदालत में सुनवाई की प्रक्रिया चल रही है।

इसी तरह तत्कालीन कोड़ा सरकार के छठे मंत्री कमलेश सिंह के खिलाफ भी आय से अधिक संपत्ति के आपराधिक मामले में सुनवाई जारी है। इन सभी छह पूर्व मंत्रियों को इन मामलों में कई बार जेल यात्राएं करनी पड़ी हैं। (IANS)

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