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Jharkhand: घूसखोरी के दोषी NTPC के सेफ्टी मैनेजर को तीन साल की सजा

रिश्वत (bribe) लेने के मामले में सीबीआई के विशेष न्यायाधीश (Special Judge of CBI) पीके शर्मा ने मंगलवार को एनटीपीसी के सेफ्टी मैनेजर (NTPC Safety Manager) सागर सिंह मीणा को तीन साल की सश्रम कारावास की सजा (rigorous imprisonment) सुनाई है।

Ranchi: रिश्वत (bribe) लेने के मामले में सीबीआई के विशेष न्यायाधीश (Special Judge of CBI) पीके शर्मा ने मंगलवार को एनटीपीसी के सेफ्टी मैनेजर (NTPC Safety Manager) सागर सिंह मीणा को तीन साल की सश्रम कारावास की सजा (rigorous imprisonment) सुनाई है। साथ ही एक लाख रुपया का जुर्माना भी लगाया है। कोरोना सामग्री (corona material) से संबंधित बिल पास करने के एवज में सात लाख रुपये की रिश्वत की मांग की गयी थी। सीबीआई ने आरोपी को तीन लाख रुपया घूस लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया था। अदालत में आरोपी सागर सिंह मीणा को दोषी ठहराते हुए तीन वर्ष का सश्रम कारावास और एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।

उल्लेखनीय है कि कोविड-19 सामग्री संबंधित बिल पास कराने के लिए रिश्वत मांगने के आरोप में सीबीआई ने रांची के बहुचर्चित होटल रेडिसन ब्लू से घूस की रकम लेते हुए एनटीपीसी के सेफ्टी मैनेजर को रंगेहाथ गिरफ्तार किया था। एनटीपीसी सेफ्टी मैनेजर सागर सिंह मीणा के खिलाफ शमसुद्दीन ने सीबीआई में घूस की शिकायत दर्ज करायी थी। शिकायतकर्ता ने बताया था कि कोविड सामग्री के बिल पास कराने को लेकर एनटीपीसी अधिकारी ने उनसे सात लाख रुपये की मांग की है। इस मामले में सीबीआई ने त्वरित कार्रवाई करते हुए होटल रेडिसन ब्लू में रिश्वत की पहली किश्त तीन लाख रुपये का चेक लेते हुए आरोपित को चार सितंबर 2020 को गिरफ्तार किया था।

इस मामले में सीबीआई ने 29 सितंबर 2020 को अदालत में चार्जशीट दाखिल किया था। मामले में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 13 गवाहों की गवाही कराई गयी। जबकि बचाव पक्ष की ओर से छह गवाह की गवाही कराई गयी। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने एनटीपीसी सेफ्टी मैनेजर को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।(Hs)

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