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मां की हत्या और पिता के जेल जाने के बाद मुश्किल हो गया है अनाथ बच्चों का जीवन

मां की हत्या और पिता के जेल जाने के बाद तीन अनाथ बच्चों का जीवन काफी मुश्किल हो गया है। जिला के चुहरु अहिरपुरवा गांव में 24 जून 2021 को गुलवा उरांव ने अपनी पत्नी फुलमनी देवी की हत्या कर दी थी।

Gumla(Jharkhand): मां की हत्या और पिता के जेल जाने के बाद तीन अनाथ बच्चों का जीवन काफी मुश्किल हो गया है। जिला के चुहरु अहिरपुरवा गांव में 24 जून 2021 को गुलवा उरांव ने अपनी पत्नी फुलमनी देवी की हत्या कर दी थी। इसके बाद पुलिस ने आरोपी गिलवा उरांव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। उसके चार छोटे छोटे बच्चे हैं। उसमें से सबसे बड़ी बेटी माला कुमारी तीन साल पहले काम करने दिल्ली चली गई । वह मां की मौत के समय घर आई थी । उसके बाद वह कभी घर नही आई है।

सीतामुनी कुमारी ( 15 )वर्ष कक्षा आठवीं की छात्रा है। बिनीता कुमारी (10) वर्ष कक्षा 6 की छात्रा है। बबलु कुमार (7) साल जिसका अभी तक विद्यालय में नामांकन नहीं हुआ है। माता की मृत्यु और पिता के जेल चल जाने के बाद इन अनाथ नाबालिग बच्चों का जीवन अंधकारमय हो गया है।घर में खाने पीने को कुछ भी नहीं है।

राशन कार्ड है,मगर कार्ड में किसी भी बच्चों का नाम नहीं चढ़ा हुआ है, जिससे उन लोगों को राशन भी नहीं मिल पा रहा है। किसी तरह से बच्चे यहां वहां काम करके दाना पानी का जुगाड़ कर रहे हैं।उसकी दादी बिरंग उरांव ने कहा कि उनकी बहू की मौत और बेटे के जेल चले जाने के बाद, इन तीनों बच्चों का बड़ी मुश्किल से पालन कर रही है।

वह काम करने गुमला चली जाती है, जिससे इनकी सुरक्षा और जीवन को लेकर बढ़ी चिंता रहती है। मैं बुजुर्ग इन लोगों का पालन पोषण करने में असमर्थ हूं। इसलिए बच्चों ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि हमलोग की पढ़ाई लिखाई करना चाहते हैं। प्रशासन हमारी मदद करे।

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