
Deoghar: कोविड-19 संक्रमण (Rise In Corona) के लगातार बढ़ते मामलों के बीच देवघर के टावर चौक पर आज जो तस्वीर आम लोगों की नजरों के सामने से गुजरी वह बेहद हैरान करने वाली थी. जिले में फिलहाल आपदा प्रबंधन एक्ट के तहत वह तमाम पाबंदियां लागू है. जिसे लेकर सरकार ने दो दिन पूर्व ही बैठक कर सभी जिलाधिकारियों को इसे शत-प्रतिशत लागू कराने की ताकीद की थी.

बावजूद इसके टावर चौक पर देवघर जिला नागरिक मंच की तरफ से राज्य में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ एक विरोध मार्च निकाला गया. इस मार्च में प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए सैकड़ों की संख्या में पुरुष और महिला भीड़ की शक्ल में शामिल हुए. इसमें जिला प्रशासन की तरफ से ना तो इन्हें रोकने की कोशिश की गई और ना ही इन्हें रोका गया.


आपको बता दें रैली की शक्ल में जुटी भीड़ में ज्यादातर लोग बाहर के बगैर मास्क के नजर आए और सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन नहीं किया गया. इस बाबत पूछे जाने पर कुमार विनोद ने बतलाया के जहां तक रैली का सवाल है तो मुख्यमंत्री से लेकर प्रधानमंत्री तक की सभा में जुटने वाली भीड़ को लेकर सवाल खड़े नहीं किए जाते तो इस रैली को लेकर सवाल क्यों।
साथ ही उन्होंने साफ किया के इस तरह की रैली लगातार निकाली जाएगी और वह सरकार की तरफ से लादे जाने वाले मुकदमों के लिए भी तैयार है. लेकिन इस बीच सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर Covid-19 संक्रमण के बीच जिला प्रशासन की तरफ से भीड़ रोकने को लेकर की गई तैयारी और और तैयारियों को अमली जामा पहनाने वाले अधिकारियों की लंबी चौड़ी फौज कहां थी।


