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Jharkhand News: 23 एकड़ में 302 कैंसर मरीजों के लिए अस्पताल बनना कैसे गलत?

झारखंड की राजनीति में इस वक़्त कई घटनाक्रम बेहद चौकाने वाले है. एक ओर राजनीति जहां JPSC में भ्रष्टाचार और राज्य में बनने वाले कैंसर अस्पताल की ओर शिफ्ट हो गयी है. वहीं गठबंधन सरकार वाली JMM और Congress दोनों Tata Company को लेकर आक्रामक है.

Ranchi: झारखंड की राजनीति में इस वक़्त कई घटनाक्रम बेहद चौकाने वाले है. एक ओर राजनीति जहां JPSC में भ्रष्टाचार और राज्य में बनने वाले कैंसर अस्पताल की ओर शिफ्ट हो गयी है. वहीं गठबंधन सरकार वाली JMM और Congress दोनों Tata Company को लेकर आक्रामक है.

सूबे में इस लड़ाई का जिम्मा खुद सरकार के स्वास्थ्य मंत्री ने संभाल रखा है. मंत्री बन्ना गुप्ता ने जमशेदपुर में जहां सड़क पर उतर कर टाटा के खिलाफ बिगुल फूंक दिया है तो वहीं रांची में बन्ना गुप्ता के निशाने पर टाटा का कैंसर अस्पताल हैं. स्वास्थ्य मंत्री होने के नाते अस्पातल जल्दी बनाने और उद्घाटन कराने पर जोर ना देकर टाटा से जमीन वापस लिए जाने की तैयारी है.

रांची के सुकुरुहुट्टु में टाटा करीब 23 एकड़ पर 302 बेड का कैंसर अस्पताल बनवा रहा है. जिसके लिए पिछली सरकार ने महज एक रुपए के टोकन मनी पर जमीन दी थी. जिसे अब हेमंत सरकार गलत मान रही है. स्वास्थ्य विभाग की तरफ से जमीन वापस लेने के लिए विभागीय तैयारी चल रही है. इसके लिए स्वास्थ्य मंत्री ने सचिव को पूरे मामले की जांच कर जवाब देने को कहा है. 

सवाल उठ रहा फिर 10 एकड़ में 11 मंत्रियों का बंगला बनना कैसे सहीहै. इधर गठबंधन सरकार की तरफ से रांची मे बन रहे स्मार्ट सिटी में 10 एकड़ जमीन पर मंत्रियों के लिए बंगला बनाया जा रहा है. कैबिनेट की मुहर लग चुकी है, नगर विकास विभाग इसपर तेजी से काम कर रहा है. ऐसे में बीजेपी की तरफ से सवाल उठाया जा रहा है कि जब 23 एकड़ में कैंसर का अस्पताल गलत तो 10 एकड़ में मंत्रियों का बंगला कैसे सही. इस मामले को लेकर बीजेपी के राज्यसभा सांसद महेश पोद्दार ने सवाल उठाया है. उन्होंने टिव्ट कर कहा है कि “कोई मुझे समझाये कि अस्पताल बन जाने के बाद बची जमीन पर @tatatrusts दुकान खोलेगा या अपना बंगला बनायेगा? 23 एकड़ केवल 11 मंत्रियों के बंगलों के लिए Vs 23 एकड़ हज़ारों कैंसर मरीजों के इलाज के लिए. दोनों में तुलना व जनहित का ध्यान कर निर्णय ले सरकार.”   

क्या-क्या होगा मंत्रियों के बंगले में 

हंमेत सरकार की तरफ से मंत्रियों के लिए जो बंगला बनाया जा रहा है उसमे इंटरनेशनल लेवल की सारी सुविधाएं मुहैया कराने का दावा किया जा रहा है. धुर्वा में 656 एकड़ में बन रही स्मार्ट सिटी में 10 एकड़ जमीन पर 11 मंत्रियों के बंगले बनेंगे. बंगले दो साल में बनकर तैयार हो जाएंगे. इसके बाद चार से छह हजार वर्गफीट के बंगले में रह रहे मंत्री स्मार्ट सिटी में 16 हजार वर्गफीट में बने आशीलान बंगले में शिफ्ट हो जाएंगे.

मंत्रियों के बंगले का बिल्डअप एरिया 1000 से 2000 वर्गफीट है. नए बंगले का बिल्डअप एरिया करीब सात हजार वर्गफीट का होगा. 11 बंगले बनाने पर 69.90 करोड़ सरकारी रुपए खर्च होंगे. मंत्री के नए बंगले में अलग-अलग क्लब हाउस होगा. 16000 वर्गफीट में बंगला होगा. इसमें आवासीय ब्लॉक, एनेक्स ब्लॉक, क्लब हाउस और गार्ड बैरक अलग-अलग होगा.

ब्लॉक के पहले तल्ले पर फैमिली लाउंज, 2 मास्टर बेडरूम, चिल्ड्रन बेडरूम, पैंट्री, मल्टीपर्पस स्टोर, पूजा रूम, ओपन टैरेस और बालकनी सहित अन्य सुविधाएं होगी. सभी आवासीय परिसर में क्लब हाउस बनेगा. जहां कैफे लाउंज, रिसेप्शन ऑफिस, जिम, बैडमिंटन कोर्ट, किचन, बाथरूम आदि बनेगा. ड्राइवर और गार्ड के लिए भी सर्वेंट ब्लॉक में दो डोरमेट्री बनाया जाएगा.  

कैसा होगा टाटा का कैंसर अस्पताल

302 बेड लिए बनने वाला अस्पताल में फिलहाल 89 बेड का बनकर तैयार है. 26 जनवरी को अस्पताल उद्घाटन की उम्मीद है. फिलहाल सिर्फ चार एकड़ जमीन पर कंस्ट्रक्शन का काम हुआ है. इसके अलावा यहां नेचुरोपैथी से हीलिंग के लिए पार्क का निर्माण किया जाना है. सरकारी मेडिकल कॉलेज में कैंसर केयर सेंटर और छह कंप्रेहेसिव कैंसर केयर सेंटर बनने हैं.

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