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MP निशिकांत से किस कदर ख़ौफज़दा है सूबे की सरकार!

आखिर सूबे की सरकार में एक सांसद के नाम का इतना ख़ौफ क्यों? वो भी तब जब न तो ख़ुद सांसद ने और न ही उनके आधिकारिक सूत्रों ने किसी भी तरह का ऐलान किया था।

  • सांसद निशिकांत के नाम पर फैलाई गई अफवाह पर जिला प्रशासन के हाथ-पैर फुले
  • छावनी में तब्दील कर दिया गया देवघर प्रेस क्लब और मछली घर।

Deoghar: किसी शरारती तत्व ने सोशल मीडिया पर सांसद डॉ निशिकांत दुबे (MP Nishikant Dubey) पर एक पोस्ट क्या शेयर कर दी, सरकार के हाथ पैर फूल गए… जिले के जिन अफसरान को जनता की ख़िदमतगारी के लिए अपने-अपने कर्तव्य स्थल पर होना था। वह सभी, एक आसमानी अफवाह पर रोक लगाने के मकसद से देवघर प्रेस क्लब (Deoghar Press Club) में जमा हो गए, आलम यह रहा कि, अफवाहों की सच्चाई में तब्दील होने की आशंका खत्म होने तक सरकार के वो तमाम नौकरशाह उसी जगह डटे रहे।

ऐसे में सवाल यह है कि, आखिर सूबे की सरकार में एक सांसद के नाम का इतना ख़ौफ क्यों? वो भी तब जब न तो ख़ुद सांसद ने और न ही उनके आधिकारिक सूत्रों ने किसी भी तरह का ऐलान किया था। क्या सरकार के अफसरों ने अफवाहों की रियलिटी चेक करने की जहमत भी नहीं उठाई?

दरअसल, किसी शरारती तत्व ने सोशल प्लेटफार्म का इस्तेमाल कर गुरुवार की सुबह 9 बजे सांसद निशिकांत दुबे द्वारा देवघर प्रेस क्लब और मछली घर के उद्घाटन की अफवाह फैला दी। इसका असर कुछ यूं हुआ कि, आनन-फानन में जिलाधिकारी ने पीआरडी (PRD) के ज़रिए प्रेस को सूचना जारी करते हुए इसे फेक (Fake) बताया और दोनो स्थानों पर तमाम अधिकारियों और पुलिस बंदोबस्ती कर छावनी में तब्दील कर दिया।

इस पूरे प्रकरण में हास्यास्पद यह रहा कि, जिला प्रसाशन ने स्थानीय सांसद निशिकांत से पुष्टि करने की भी जहमत नहीं उठाई।

इतना ही नहीं आलम ये है कि अभी पूरा शहर गुलाब (Cyclone) की फुहार से जलमग्न हुआ पड़ा है। शहर के कई इलाके पानी में डूब चुके हैं। ऐसे में जिला प्रशासन के उन तमाम अधिकारी को जनता के बीच राहत पहुंचानी थी। तब वही अधिकारी अपने मूल कर्तव्य को छोड़कर एक अफवाह पर विराम लगाने में भीड़े रहे।

इसे सरकार और उनके अफ़सरानो की कुंठा ही कहेंगे कि, जनता की सेवा के लिए नियुक्त ब्यूरोक्रेसी महज एक अफवाह पर पूरा कुनबा एक जगह जमा होकर हुवां-हुवां करते नज़र आए।

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