
Deoghar: आजादी के अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य पर शनिवार को देवघर डीसी मंजूनाथ भजंत्री की अध्यक्षता में निर्यातक संगोष्ठी (EXPORTERS CONCLAVE) का आयोजन सूचना भवन सभागार में किया गया। इस दौरान जिले के सफल उद्यमियों व संबंधित अधिकारियों ने अपनी-अपनी बातों को संगोष्ठी में कहा। साथ ही निर्यात के तौर तरीकों से जुड़े विस्तृत जानकारी से सभी को अवगत कराया।


कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डीसी मंजूनाथ भजंत्री ने कहा कि आजादी के 75 वें वर्ष के उपलक्ष्य पर अमृत महोत्सव के रूप में आज निर्यातक संगोष्ठी कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। जिले से चावल व लाह के चूड़ी-लहठी उत्पाद को चिन्हित करते हुए उसके निर्यात के लिए आवश्यक व्यवस्था की जा रही है, ताकि आर्थिक उन्नति की ओर हमारा जिला आगे बढ़े।
धर्म, कला और आध्यात्म का हब बन सकता है बाबा बैद्यनाथधामः DC

डीसी ने कहा कि आज के इस कार्यकम इन्सपोर्टर कनक्लेव का मुख्य उद्येश्य राष्ट्रीय स्तर पर निर्यात को प्रोत्साहित करना, निर्यात के अनुकूल माहौल तैयार करना तथा छोटे एवं बड़े उद्यमियों, शिल्पकारों, उत्पादकों को सरकारी योजनाओं के माध्यम से प्रेरित करना है, ताकि आने वाले समय में देवघर जिलों को एक्सपोर्ट हब के रूप में विकसित किया जा सके।
संभावनाओं का क्षेत्र है देवों की नगरी देवघरः DC
डीसी मंजूनाथ ने कहा कि वर्तमान में हम सभी जानते हैं देवघर जिला संभावनाओं का क्षेत्र है। बाबा बैद्यनाथ की नगरी आज विश्व प्रसिद्ध स्थल के रूप में जानी जाती है। वहीं देवों की नगरी देवघर को धर्म, कला और आध्यात्म के रूप में विकसित किया जा सकता है। हमारी परम्परा, हमारा इतिहास को अपने में समेटे हुए देवों की नगरी देवघर में वेद्य पंचांग, ज्योतिष, उपनिषद के अलावा हर्बल एवं आयुर्वेद के क्षेत्र में काफी संभावनाएं हैं, जिसकों अपनाकर आत्मनिर्भरता के साथ-साथ अपने भौगोलिक परिवेश में अपनाई जाने वाली वस्तुओं से विश्व को परिचित करा सकते हैं।
जीआई टैग के लिए पेड़ा एसोसिएशन में निबंधन की प्रक्रिया जारी
आगे उपायुक्त द्वारा जानकारी दी गयी कि बाबाधाम के विश्व महाप्रसाद पेड़ा को विश्व में अपनी अलग पहचान दिलाने के उद्देश्य से आगामी 30 सितंबर तक जीआई टैग के लिए पेड़ा एसोसिएशन में निबंधन की प्रक्रिया जारी है, ताकि अधिक से अधिक पेड़़ा व्यवसायियों को जोड़ते हुए जीआई टैग से देवघर के पेड़ा को जोड़ा जायेगा।
निर्यातक संगोष्ठी के दौरान उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने निर्यात के क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने की बात कही, ताकि महिलाओं को आत्मनिर्भर व सशक्त बनाया जा सके। इसके अलावे उपायुक्त ने प्रोजेक्ट पंछी से जुड़ी विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि दहेज प्रथा, भ्रूण हत्या, बेटा-बेटी में समानता, बच्चों का शोसन आदि पर पूर्ण रूप से रोक लगाने के उदेश्य से इसका शुभारंभ किया गया है, जिसमें आप सभी का सहयोग आपेक्षित है।

आगे उपायुक्त द्वारा महिला उद्यमियों को आर्टिजन कार्ड से होने वाले फायदों व इसके उपयोग से जुड़ी विस्तृत जानकारी दी गयी, ताकि उन्हें इसका लाभ मिल सके और जिससे इनकी सही पहचान हो सके कि संबंधित महिला किसी खास क्षेत्र से कारीगर हैं। साथ हीं आर्टिजनकार्ड बनने के बाद आर्टिजंस भारत सरकार और राज्य सरकार की और से आयोजित होने वाले मार्केटिंग प्रोग्राम में भाग ले सकते हैं। देशभर के सरकारी फेयर में स्टॉल निःशुल्क मिलेगी, आने-जाने का किराया उपलब्ध करवाया जाएगा। इसके अलावा जो भी महिला-पुरूष आर्टिजन स्वयं का उद्योग स्थापित करना चाहते हैं उनको प्रधानमंत्री योजना के तहत 10 लाख रुपए का लोन मुहैया करवाया जाएगा।
सबसे महत्वपूर्ण सारे आर्टिजन कार्डधारियों का ऑनलाइन रिकॉर्ड होगा, जिसके आधार पर बड़े कारखाने या कम्पनियों द्वारा आमन्त्रित किया जा सकता है यानी रोजगार का अवसर। साथ हीं राज्य सरकार की ओर से जारी आर्टिजन कार्ड से कारीगरों को प्रदेश में उद्योगों से संबंधित संचालित हो रही योजनाओं का फायदा मिलेगा। इनमें सब्सिडी, ब्याज की दरों, कारीगरों के कल्याण से जुड़ी विकास योजनाओं में कारीगरों को फायदा मिलेगा। इस प्रकार के कार्ड से आर्टिजन्स सरकार की ओर से दी जाने वाली विकासशील योजनाओं से लाभान्वित होंगे। इसके अलावा, राज्य में लगने वाले उद्योग मेलों में सब्सिडी, स्टॉल आवंटन आदि में कार्डधारक कारीगर को प्राथमिकता मिलेगी। वहीं हमारा प्रयास भी होना चाहिये कि हरेक क्षेत्र की तरह निर्यात की क्षेत्र में ज्यादा से ज्यादा महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जा सके।
देवघर मार्ट से जुड़ने की प्रक्रिया से सभी को कराया अवगत
निर्यातक संगोष्ठी के दौरान डीसी सेल में प्रतिनियुक्त अधिकारी सुश्री आस्था ने द्वारा देवघर मार्ट वेबसाईट से जुड़ी विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि जिले के सभी कामगारों एवं हुनरमंदों की सुविधा हेतु इसकी शुरूआत की जा रही है, जिसका सफलता पूर्वक ट्रायल भी उपायुक्त महोदय की अगुवाई में किया जा चुका है। देवघर मार्ट आप सभी के लिए एक हाट व बाजार की तरह है, जहां आप अपने सामानों को बिना किसी बिचौलियों के मदद से बेच सकते हैं। वर्तमान में संबंधित विभागों के साथ मुख्यमंत्री लघु-कुटीर उद्योग एवं जेएसएलपीएस के प्रखण्ड समन्वयक आपकी सहायता करेंगे, ताकि आपके द्वारा निर्मित सामानों की गुणवता, ब्रांडिंग, पैकिंग के कार्यों में आपका सहयोग किया जा सके। साथ हीं इस दिशा में विभिन्न विभाग की टीम द्वारा कार्य किया जा रहा है ताकि हम दोबारा मूल संस्कृति से जुड़ते हुए लोकल फॉर वोकल से जुड़ें।
इस दौरान उपरोक्त के अलावे महाप्रबंधक जिला उद्योग केन्द्र सैमरॉम बारला, जिला जनसम्पर्क पदाधिकारी रवि कुमार, जिला कृषि पदाधिकारी कमल कुमार कुजूर, सहायक जनसम्पर्क पदाधिकारी रोहित कुमार विद्यार्थी, जिला समन्वयक मुख्यमंत्री लघु कुटीर बोर्ड नीरज कुमार, ईओडीबी मैनेजर पियुष कुमार, जिले के सफल उद्यमियों के अलावा, संथाल परगना चैम्बर ऑफ कॉमर्स के अधिकारी एवं संबंधित विभाग के अधिकारी आदि उपस्थित थे।


