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जज उत्तम आनंद मौत मामले की CBI जांच शुरू, 20 सदस्यीय टीम पहुंची धनबाद

धनबाद के जिला एवं सत्र न्यायाधीश- 8 उत्तम आनंद की संदिग्ध मौत मामले में सीबीआई ने जांच शुरू कर दिया है। इसी क्रम में सीबीआई की चार सदस्यीय टीम गुरुवार को धनबाद सदर थाना पहुंची, जहां उन्होंने पुलिस के वरीय पदाधिकारियों से बातचीत कर मामले में की गयी।

धनबाद: धनबाद के जिला एवं सत्र न्यायाधीश- 8 उत्तम आनंद की संदिग्ध मौत मामले में सीबीआई ने जांच शुरू कर दिया है। इसी क्रम में सीबीआई की चार सदस्यीय टीम गुरुवार को धनबाद सदर थाना पहुंची, जहां उन्होंने पुलिस के वरीय पदाधिकारियों से बातचीत कर मामले में की गयी। अब तक की जांच और तथ्यों को जाना। साथ ही इस मामले से जुड़ी महत्वपूर्ण कागजातों को भी सीबीआई अपने साथ ले गई। बताया जा रहा है कि बुधवार देर रात धनबाद पहुंची सीबीआई की 20 सदस्यीय टीम कई जगहों को खंगाला। इस दौरान कुछ लोगों से पूछताछ भी की जा रही है।

गौरतलब है कि एडीजे उत्तम आनंद संदिग्ध मौत मामले की जांच अब सीबीआई कर रही है। धनबाद के सदर थाने में दर्ज केस को सीबीआई ने बुधवार को टेकओवर कर लिया था। सीबीआई के स्पेशल क्राइम सेल के द्वारा केस की जांच नए सिरे से की जा रही है। इसका अनुसंधानकर्ता एएसपी रैंक के अधिकारी विजय कुमार शुक्ला बनाए गए हैं। सीबीआई एसपी जगरूप एस गुसिन्हा के आदेश पर केस की जांच के लिए बनाई गई 20 सदस्यीय एसआईटी में बायोलॉजी, डीएनए प्रोफाइलिंग, फिंगर प्रिंट्स, फॉरेंसिक साइकोलॉजी और सेरोलॉजी विंग के एक्सपर्ट भी शामिल किए गए हैं।

क्या है मामला

28 जुलाई को धनबाद में मॉर्निंग वॉक के दौरान एक ऑटो के टक्कर से जज उत्तम आनंद की मौत हो गई थी। झारखंड पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना में प्रयुक्त ऑटो और उसके चालक को गिरफ्तार किया था। मुख्यमंत्री की पहल पर मामले के त्वरित अनुसंधान और दोषियों को गिरफ्तार करने के लिए एसआईटी का गठन किया गया था। एसआईटी के चीफ एडीजी अभियान संजय आनंद लाठकर को बनाया गया था।

हाईकोर्ट ने कहा था, तुरंत जांच शुरू करे सीबीआई

झारखंड हाईकोर्ट ने तीन अगस्त को इस मामले में सुनवाई के दौरान कहा था कि सीबीआई जल्द इस केस की जांच करे। चीफ जस्टिस डॉ रवि रंजन और जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की अदालत ने जज की मौत मामले की सुनवाई के दौरान यह निर्देश सीबीआई के अधिवक्ता का जवाब सुनने के बाद दिया था। सीबीआई की ओर से बताया गया कि राज्य सरकार की अनुशंसा का पत्र सीबीआई को मंगलवार को ही मिला था।

जज मौत मामले में ऑटो चालक सहित दो की हुई थी गिरफ्तारी

जज उत्तम आनंद की मौत के मामले में ऑटो चालक सहित दो आरोपितों राहुल वर्मा और लखन वर्मा को पुलिस ने बीते 29 जुलाई को गिरिडीह से गिरफ्तार कर लिया था। जज को टक्कर मारने वाले ऑटो को भी बरामद कर लिया गया था।

सीसीटीवी फुटेज में जान बूझकर टक्कर मारने का मिला सबूत

घटना के कुछ घंटे बाद जब घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आया तो यह साफ तौर पर दिखा रहा है कि सड़क के बिल्कुल बायें किनारे में जॉगिंग कर रहे एडीजे उत्तम आनंद को ऑटो ने जान बूझकर टक्कर मार दिया। वह सड़क के किनारे गिर पड़े और उन्हें टक्कर मारने के बाद ऑटो बगैर रुके आगे बढ़ गया। 29 जुलाई को पुलिस ने एडीजे को टक्कर मारने वाले ऑटो को गिरिडीह से जब्त किया था। पुलिस ने ऑटो चालक लखन वर्मा और राहुल वर्मा को गिरफ्तार किया था। दोनों फिलहाल जेल में बंद हैं जिनसे पूछताछ चल रही है। एडीजे की पत्नी ने शुरुआत में ही इस मामले को हत्या बताते हुए थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी थी। एडीजे के पिता ने भी मीडिया से बातचीत में कहा था कि उनके सिर पर रॉडनुमा किसी वस्तु से प्रहार किया गया था। पोस्टमार्टम में भी बताया गया है कि एडीजे की मौत सिर पर चोट लगने की वजह से हुई है। उनके शरीर पर तीन बाहरी और सात अंदरूनी चोट लगी थीं। उनके जबड़े की भी कई हड्डियां टूटने की बात पोस्टमार्टम में कही गयी थी।

सुप्रीम कोर्ट ने भी लिया है संज्ञान

एडीजे उत्तम आनंद की मौत मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 30 जुलाई को स्वत: संज्ञान लिया था। मामले में मुख्य सचिव और डीजीपी को एक सप्ताह में स्टेटस रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया था।

गिरफ्तार दोनों आरोपितों को लिया था रिमांड पर

मामले में ऑटो चालक लखन वर्मा एवं उसके सहयोगी राहुल वर्मा को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने दोनों को रिमांड पर लेकर भी पूछताछ की थी। दोनों को 30 जुलाई को रिमांड पर लिया गया था। इसके बाद दो अगस्त को दोनों को पुलिस ने धनबाद सीजेएम कोर्ट में पेश किया, जहां से दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। दोनों ने पूछताछ में कुछ भी जवाब नहीं दिया। इसके बाद पुलिस की ओर से ब्रेन मैपिंग टेस्ट कराने की अनुमति मांगी गयी थी। इसके बाद आरोपितों की रजामंदी लेकर न्यायालय ने ब्रेन मैपिंग टेस्ट की मंजूरी दे दी थी। सीजेएम ने दोनों आरोपितों से बारी-बारी से उनका पक्ष जाना था। दोनों को ब्रेन मैपिंग टेस्ट के बारे में जानकारी दी गई। आरोपित कोर्ट के समक्ष ब्रेन मैपिंग कराने के लिए तैयार हो गए।

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