
जमशेदपुर: टाटा मेन हास्पिटल (TMH) में ब्लैक फंगस या म्यूकोरमाइकोसिस का एक मरीज मिला है। टीएमएच प्रबंधन ने इसकी रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेज दी है।

टीएमएच के स्वास्थ्य सलाहकार डॉ. राजन चौधरी ने शुक्रवार शाम टेली कॉन्फ्रेंसिंग द्वारा यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ब्लैक फंगस कोई नई बीमारी नहीं है। पहले वेब में भी इसका एक मरीज मिला था। जिन मरीजों के शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है या जिन्हें कैंसर, डायबिटीज की समस्या रहती है या कोविड इलाज में जिन्हें स्टेरॉयड दिया जाता है। उनमें इस तरह की समस्या आ सकती है। अब यह टेस्ट रिपोर्ट के बाद ही पता चलेगा कि संबंधित मरीज कैसे ब्लैक फंगस की चपेट में आया। हालांकि टीएमएच प्रबंधन संबंधित मरीज के इलाज कर रहा है।
मालूम हो कि ब्लैक फंगस से अब तक झारखंड में आधा दर्जन से अधिक मरीजों की मौत हो चुकी है।

डॉ. चौधरी ने बताया कि पिछले तीन दिनों में टाटा मेन हॉस्पिटल में जो आंकड़े आए हैं उससे देखते हुए यह कह सकते हैं कि कोविड 19 के संक्रमण ने अपना उच्चतम स्तर को छु लिया है और अब यह ढलान की ओर है। तीन दिनों में संक्रमित होकर भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या, मौत के आंकड़े और पॉजिटिविटी रेट में कमी आई है। डा. चौधरी का कहना है कि कोविड संक्रमण के कम होते आंकड़ों को देखते हुए हम यह कह सकते हैं कि कोरोना संक्रमण ढलान की ओर है।
डबल या इंडियन म्युटेंट ज्यादा खतरनाक
डा. चौधरी का कहना है कि डबल म्युटेंट, जिसे इंडियन म्युटेंट भी कहा जा रहा है यह पहले के मुकाबले ज्यादा खतरनाक और घातक है।
मास्क पहनना व शारीरिक दूरी का पालन करते रहे
डा. चौधरी का कहना है कि कोविड मरीजों की संख्या कम होने का मतलब है कि संक्रमण कम हुआ है लेकिन यह अभी तक पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है इसलिए सभी से अपील है कि वे नियमित रूप से मास्क पहने। शारीरिक दूरी का पालन करें और भीड़-भाड़ वाले स्थानों में जाने से बचे।


