दुमका।

एक बार फिर देश में कोविड-19 पॉजिटिव मरीजों की संख्या में काफी तेजी से बढ़ोत्तरी हो रही है। झारखंड राज्य के कई जिलों में भी दिन – प्रतिदिन कोविड-19 मरीजों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है।

ऐसी स्थिति में कोविड-19 संक्रमण से आमजनों एवं श्रद्धालुओं के बचाव को लेकर बाबा बासुकीनाथ मंदिर में अरघा द्वारा जलार्पण करने की अनुमति दी गयी है।
इन शर्तों के साथ बाबा बासुकीनाथ मंदिर में जलार्पण की अनुमति दी गयी है:-

(1) प्रतिदिन अधिकतम 1000 की संख्या में ही श्रद्धालुओं को मंदिर आकर अरघा के माध्यम से बाबा को जल चढ़ाने की अनुमति होगी।
(2) प्रातः 06.00 बजे से दोपहर 02:00 बजे तक ही श्रद्धालुओं को अरघा के माध्यम से जल चढ़ाने की अनुमति होगी।
(3) किसी भी परिस्थिति में श्रद्धालुओं को स्पर्श पूजा की अनुमति नहीं होगी।
(4) कोई भी पुरुष/महिला जिसकी उम्र 60 वर्ष से अधिक एवं 05 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को मंदिर में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।
(5) साथ ही साथ वैसे व्यक्ति जो गंभीर बीमारी जैसे हृदय रोग, किडनी प्रत्यार्पण, सांस की बिमारी तथा मधुमय (डायबीटिज) से ग्रसित व्यक्तियों को भी मंदिर में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।
साथ ही साथ वैसे व्यक्ति जिन्हें खाँसी, बुखार एवं उच्च तापमान के लक्षण पाये जाते हैं उन्हें भी मंदिर में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।
(6) बाबा बासुकीनाथ मंदिर में दर्शन पूजा हेतु केवल Online e-pass Token Pass के माध्यम से ही प्रवेश की अनुमति होगी।
(7) covid-19 के संदर्भ में MHA.GOI एवं राज्य सरकार द्वारा दिये गये निर्देशों का अक्षरशः पालन करना अनिवार्य होगा।
(8) कोविड-19 के संदर्भ में दिये गये दिशा-निर्देशों का उल्लंघन होने की स्थिति में तथा कोविड-19 के संक्रमण बढ़ने की स्थिति में श्रद्धालुओं को दी जा रही व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से स्थगित किया जा सकता है।
अनुमंडल पदाधिकारी, दुमका -सह-सचिव, बाबा बासुकीनाथ मंदिर द्वारा मंदिर प्रभारी सह- कार्यपालक पदाधिकारी, नगर पंचायत, बासुकीनाथ को निदेश दिया गया है कि बाबा बासुकीनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए अरघा की व्यवस्था करना सुनिश्चित करेंगे। साथ ही उपरोक्त दिशा-निर्देशों का अनुपालन कराना सुनिश्चित करेंगे।
यह आदेश- 02 अप्रैल 2021 से अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा।


