
Deoghar News : देवघर नगर थाना क्षेत्र के टोंडराडीह गांव निवासी अभिषेक यादव को बुधवार को दिनदहाड़े गोली लगने की घटना की जांच में पुलिस को कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। जांच के क्रम में मामले ने नया मोड़ ले लिया है और अब तक सामने आई पूरी कहानी बदलती नजर आ रही है।

पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह भी स्पष्ट हुआ है कि पीड़ित द्वारा बताया गया घटनास्थल वास्तविक नहीं था। घटना के बाद अभिषेक यादव ने गोली लगने की वारदात नगर थाना क्षेत्र के खोरादह मोहल्ला में होने की बात कही थी। इसी आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की, लेकिन जिस स्थान पर गोली मारने की बात बताई गई थी, वहां पुलिस को कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिला।

वहीं पीड़ित के लगातार बदलते बयान ने भी पुलिस के संदेह को बढ़ा दिया। इसके बाद पुलिस ने जांच का दायरा विस्तारित किया तो पता चला कि वास्तविक घटना कुंडा थाना क्षेत्र के ठाढ़ी गांव में एक व्यक्ति के घर के सामने घटी थी।
जानकारी के अनुसार जिस घर के सामने यह घटना हुई, उसका संबंध एक कुख्यात बदमाश से बताया जा रहा है। पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि उस व्यक्ति के पुत्र और अभिषेक यादव के बीच गहरी मित्रता थी।
बुधवार को अभिषेक अपने कुछ दोस्तों के साथ वहीं मौजूद था। इसी दौरान अचानक गोली चल गई, जो अभिषेक के दाहिने पंजरे में जाकर लगी और उसके शरीर के भीतर धंस गई।
सबूत मिटाने की कोशिश, डीवीआर और मोबाइल जब्त
पुलिस जांच में यह बात भी सामने आई है कि घटना से जुड़े महत्वपूर्ण सबूत मिटाने का प्रयास किया गया। जिस घर के सामने घटना हुई, वहां कई सीसीटीवी कैमरे लगे हैं और उनकी रिकॉर्डिंग के लिए अनेक डीवीआर लगाए गए थे।
जांच में पता चला कि सभी डीवीआर की फुटेज डिलीट कर दी गई है। इसके अलावा पिस्तौल चमकाने और गोली चलने से जुड़ा एक वीडियो भी मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड होने की जानकारी मिली है, जिसे भी हटाने का प्रयास किया गया।
पुलिस ने संबंधित डीवीआर और मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं तथा डिलीट किए गए डाटा को रिकवर करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। घटनास्थल से अन्य सबूतों को भी नष्ट किए जाने की बात सामने आई है।
दो युवक हिरासत में, जल्द हो सकता है खुलासा
गुरुवार को पुलिस टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर घंटों गहन छानबीन की। इस दौरान कई महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं। पुलिस ने पूछताछ के लिए दो युवकों को हिरासत में लिया है। साथ ही घटना में प्रयुक्त हथियार की बरामदगी के प्रयास भी जारी हैं।
पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि गोली गलती से चली या वहां मौजूद युवकों के बीच किसी विवाद के बाद फायरिंग की गई। जांच में यह भी लगभग स्पष्ट हो चुका है कि घटना में शामिल युवक और पीड़ित आपस में करीबी मित्र थे।
इसी कारण अपने दोस्त को बचाने के उद्देश्य से पीड़ित ने घटना को लेकर अलग कहानी गढ़ी थी। इधर, चिकित्सकों ने ऑपरेशन कर अभिषेक के शरीर से गोली निकाल दी है और उसकी स्थिति अब खतरे से बाहर बताई जा रही है।
पुलिस पीड़ित, उसके परिजनों तथा आरोपित पक्ष के लोगों से लगातार पूछताछ कर मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।


