
Deoghar: पुलिस केन्द्र देवघर स्थित मीटिंग हॉल में एम्स देवघर के वरीय चिकित्सक एवं उनकी टीम के द्वारा पुलिस कर्मियों के लिए सीपीआर (कार्डियोपलमोनरी रिससिटेशन) हेतु एक अत्यंत उपयोगी एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

यह प्रशिक्षण लगभग 1.5 घंटे तक चला और सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस प्रशिक्षण में विभिन्न थानों से एक सहायक उपनिरीक्षक एवं एक आरक्षी ने भाग लिया। साथ ही बाबा मंदिर थाना के सभी पुलिस पदाधिकारी एवं कर्मी (ड्यूटी पर प्रतिनियुक्त कर्मियों को छोड़कर) ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।

प्रशिक्षण के दौरान चिकित्सकों द्वारा अचानक हृदय गति रुकने जैसी आपात स्थिति में मरीज को जीवनदान देने के लिए सीपीआर तकनीक की बारीकियों को डमी (प्रैक्टिकल मॉडल) पर समझाया और प्रत्येक पुलिस कर्मी ने इसका अभ्यास किया।
पुलिस कर्मियों ने बेहद उत्साह और रुचि के साथ इस प्रशिक्षण को ग्रहण किया। पुलिस अधीक्षक ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि पुलिस कर्मी अक्सर किसी भी घटनास्थल पर सबसे पहले पहुंचने वाले होते हैं। ऐसे में सीपीआर का यह प्रशिक्षण उनके लिए गोल्डन आवर में किसी मरीज की जान बचाने में अहम भूमिका निभा सकता है।
उन्होंने एम्स देवघर के डॉक्टरों और उनकी टीम का इस सार्थक प्रशिक्षण के लिए धन्यवाद दिया। साथ ही उन्होंने कहा देवघर पुलिस जनहित के ऐसे प्रयासों को निरंतर जारी रखेगी और समाज को अधिक से अधिक संवेदनशील एवं सक्षम बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
इस कार्यक्रम मे देवघर एम्स से प्रोजेक्ट हेड डॉ राखी गौड़, प्रोजेक्ट कॉरडीनेटर डॉ अंजलि सॉ, प्रोफेसर डॉ नितिन, नर्सिंग ऑफिसर एकता ने प्रशिक्षण मे भाग लिया।



