
Deoghar: बीते 12 अक्टूबर को जिले के मधुपुर स्थित अनुराग अस्पताल में काम करने वाली नर्स निशा की मौत का मामला अब धीरे-धीरे तूल पकड़ता जा रहा है। मृतका के परिजनों का आरोप है कि निशा की मौत के इतने समय बीत जाने के बाद भी ना तो अस्पताल के ऊपर किसी तरह की कार्रवाई की गई है और ना ही लापरवाही के आरोपी किसी डॉक्टर के खिलाफ एक्शन लिया गया है। आलम यह है कि,इंसाफ की आस में निराश हो चुके निशा के परिजन की आवाज़ भी अब हलक से नहीं निकल रही। इधर, अपनी बेटी को खो चुके पिता अब जाँच रिपोर्ट के लिए जिले के एसपी कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं।
पीड़ित परिवार को पोस्टमार्टम रिपोर्ट उपलब्ध करना अनिवार्य

कानून के जानकार बताते हैं कि, किसी भी सूरत में हुई आसामन्य मौत के मामले में अगर पोस्टमार्टम कराई जाती है तो हर हाल में 24 घंटे के भीतर उसकी रिपोर्ट मृतक के परिजनों को उपलब्ध करना अनिवार्य है। लेकिन, निशा की मौत के मामले में अबतक परिजनों को जांच रिपोर्ट मुहैया नहीं कराई गई है। दूसरी तरफ कांग्रेस के नेता प्रदीप यादव ने भी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाक़ात कर निशा की मौत से जुड़े मामले की जांच कर दोषी डॉक्टर और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

आपको बता दें कि, बीते दिनों मधुपुर के एक निजी अस्पताल में काम करने वाली नर्स निशा का उसी अस्पताल में ऑपरेशन किया गया था। जिसके बाद मामला बिगड़ता देख उसे रेफर कर दिया गया। दूसरे अस्पताल में इलाज़ के दौरान निशा की मौत हो गई। निशा की मौत के बाद परिजनों के साथ ही तमाम लोगों ने मधुपुर के उस निजी अस्पताल अनुराग अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई और इंसाफ की मांग को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं।


