
Madhupur (Deoghar) News: शहर के पथरचपटी स्थित अनुराग अस्पताल पर इलाज में लापरवाही से मौत का आरोप लगाते हुए प्रतापपुर और बांक जमुनिया के ग्रामीण और मृतका के परिजन जमकर बवाल काटा।

ग्रामीण और परिजन घंटो धरना पर बैठे रहे। मधुपुर- मार्गोमुंडा मार्ग पर पत्थलचपटी के पास सड़क पर टायर जलाकर जाम कर दिया। घटना के संबंध बताया जाता है कि करौ थाना क्षेत्र के प्रतापपुर गांव निवासी 23 वर्षीय निशा कुमारी की मौत इलाज के दौरान कोलकाता में हो गई।
क्या है पुलिस को लिखित शिकायत में

मौत के बाद मृतका के पिता जयप्रकाश रवानी ने पुलिस को लिखित शिकायत कर अस्पताल द्वारा निशा के इलाज में घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल के मालिक अरुण गुटगुटिया, डॉक्टर रघुनंदन सिन्हा और डॉक्टर आलोक की गिरफ्तारी की मांग करते हुए अस्पताल और डॉक्टरों का लाइसेंस रद्द करने की गुहार लगाई है।

मृतका के पिता जयप्रकाश रवानी ने पुलिस को लिखित शिकायत ने कहा है कि उसकी 23 वर्षीय बेटी निशा इसी अस्पताल में नर्स का काम करती थी। गत 5 सितंबर को उसका सीबीडी ऑपरेशन डॉक्टर आलोक मोहन सिन्हा द्वारा किया गया। 13 सितंबर को उसकी हालत बिगड़ने लगी। अस्पताल पहुंचने पर पता चला कि ऑपरेशन वाले जगह पर ही किसी दूसरे डॉक्टर ने ऑपरेशन किया है।
किसी दूसरे डॉक्टर ने कर दिया था ऑपरेशन
यह ऑपरेशन डॉक्टर आलोक मोहन सिन्हा की उपस्थिति में नहीं किया गया। यह अस्पताल की घोर लापरवाही को दर्शाता है। पिछले साल ही बेटी निशा की शादी कर्ज लेकर किया था। बेटी से पूछने पर उसने बताया पापा डॉक्टर रघुनंदन और डॉक्टर आलोक डरा दिए थे। कहा था ऑपरेशन नहीं कराओगी तो कैंसर होने का डर है।
अस्पताल के डॉक्टर मिलकर मेरी बेटी निशा पर ही शोध करने लगे। आपरेशन के बाद जब उसकी हालत बिगड़ने लगी तो परिजन उसे बेहतर इलाज के लिए कोलकाता ले गए जहां उसका कुछ दिनों से इलाज चल रहा था।
अस्पताल के मालिक पहले इलाज का खर्च देने की बात कहे थे लेकिन बाद में टाल मटोल करने लगे। निशा के पिता ने पुलिस से मामले में आरोपी दोषी लोगों पर कार्रवाई करते हुए न्याय की गुहार लगाई है।


