
Deoghar Court News : नाबालिग लड़की की नहाते समय गोपनीय फोटो खींचकर उसे ब्लैकमेल करने और बार-बार दुष्कर्म करने के मामले में देवघर की विशेष पोक्सो अदालत ने अभियुक्त प्रवीण कुमार को दोषी करार देते हुए कठोर सजा सुनाई है।

अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय-सह-पोक्सो विशेष न्यायाधीश आर. के. सिन्हा की अदालत ने गोड्डा जिले के बलबड्डा निवासी अभियुक्त को पोक्सो अधिनियम की धारा-6 के तहत 25 वर्ष के सश्रम कारावास और 20,000 रुपये अर्थदंड की सजा दी। अर्थदंड नहीं देने पर उसे दो वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

अदालत ने अभियुक्त को भादवि की धारा 376(3), 354(ग) और 506/109 के अंतर्गत भी दोषी पाया। धारा 354(ग) के तहत दो वर्ष के सश्रम कारावास के साथ 5,000 रुपये जुर्माना, जबकि धारा 506/109 के तहत पाँच वर्ष सश्रम कारावास और 10,000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई। सभी सजाएँ साथ-साथ चलेंगी।
मामला 5 नवंबर 2023 का है, जब पीड़िता स्नान कर रही थी। उसी दौरान अभियुक्त ने उसकी फोटो खींची और बाद में उसी आधार पर धमकाकर कई बार दुष्कर्म किया।
पीड़िता की शिकायत पर देवघर नगर थाना कांड संख्या 633/2023 के रुप में मामले की प्राथमिकी दर्ज हुई, जिसे बाद में पोक्सो केस नंबर 07/2024 के रूप में लिया गया।
पुलिस द्वारा आरोप पत्र समर्पित किए जाने के पश्चात मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने नौ गवाह प्रस्तुत किए। सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी पाया।
अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक सुनील कुमार सिंह और बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता अमन कुमार ने बहस की।


