
New Delhi : लोकसभा में ‘घुसपैठियों’ का मुद्दा उठने पर सदन से वॉकआउट करके विपक्ष घिर गया है। भाजपा के सांसदों का आरोप है कि विपक्ष में सच सुनने की ताकत नहीं है। वास्तविकता यह है कि शोर मचा कर विपक्ष असल मुद्दों से भटकाने की कोशिश करता है।
भारतीय जनता पार्टी के सांसद निशिकांत दुबे ने संसद परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा, “शहीदों की चिता पर भारत के विभाजन के बाद कांग्रेस पार्टी ने सत्ता सुख भोगा है। सत्ता सुख भोगने वाले लोगों को देश-दुनिया के बारे में कुछ पता नहीं होता है। राहुल गांधी बिना तैयारी के आए। उनके तीन मुख्य बिंदुओं पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने करारा जवाब दिया। विपक्ष ने सदन से सिर्फ घुसपैठियों के मुद्दे पर वॉकआउट किया।”
उन्होंने कहा, “सदन में गृह मंत्री अमित शाह ने ‘वोट चोरी’ के विषय पर जवाहर लाल नेहरू से लेकर इंदिरा गांधी, राजीव गांधी और सोनिया गांधी तक के उदाहरण दिए थे। इस दौरान विपक्ष ने वॉकआउट नहीं किया, लेकिन जब गृह मंत्री ने कहा कि ‘घुसपैठियों को बसाने, बांग्लादेशी मतदाताओं के सहारे चुनाव जीतने और जनसंख्या में वृद्धि करके नया पाकिस्तान बनाने की साजिश राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्ष कर रहा है, तो इस पर पूरी बात सुनने से पहले ही विपक्ष के नेता सदन से भाग गए।”
इस मुद्दे पर भाजपा सांसद राजू बिस्ता ने कहा, “विपक्ष में सच सुनने की ताकत नहीं है। वास्तविकता यह है कि शोर मचा कर विपक्ष असल मुद्दों से भटकाने की कोशिश करता है। विपक्ष ने बार-बार सदन को बाधित किया। जब उस पर चर्चा हुई और विपक्ष ने सवाल रखे, लेकिन जब गृह मंत्री अमित शाह ने जवाब दिया तो उसे पचा नहीं पाए। यही कारण था कि विपक्ष के सांसद सदन से भाग गए। इससे जनता भी समझ चुकी है कि विपक्ष किस तरह घुसपैठियों को बचाने का काम कर रहा है।”
अमित शाह का उल्लेख करते हुए भाजपा सांसद दामोदर अग्रवाल ने कहा, “गृह मंत्री ने साफ कहा है कि एनडीए सरकार की एक पॉलिसी है। एक-एक विदेशी, रोहिंग्या और बांग्लादेशी की पहचान करेंगे, उनका वोट डिलीट करेंगे व डिपोर्ट करेंगे। लेकिन विपक्ष अवैध रूप से रहने वाले नागरिकों के जरिए सत्ता हड़पना चाहता है।” (IANS)



