
Deoghar News : करोड़ों रूपये के धोखाधड़ी और जाली दस्तावेज तैयार करने एवं अन्य आरोपों के मामले में बिहार के बांका जिला के आनंदपुर थाना की पुलिस टीम ने सोमवार को देवघर नगर थाना इलाके के बिलासी मोहल्ला के रहने वाले दो लोगों के घर में इश्तेहार चिपकाया।

नगर थाना पुलिस की मदद से आनंदपुर थाना के थाना प्रभारी विपिन कुमार, एसआइ के आनंद ने ढ़ोल बाजा के साथ आरोपित नेहाल के बिलासी टाउन स्थित दो घरों और महेश चरण द्वारी के एक ठिकाने पर न्यायालय के आदेश पर इश्तेहार चिपकाया।

बताया जाता है कि यह मामला 2.02 करोड़ के लेनदेन से जुड़ा हुआ है। इस घटना को लेकर कटोरिया से भाजपा विधायक डा. निक्की हेम्ब्रम ने आनंदपुर थाना में वर्ष 2025 के 04 फरवरी को एक मामला दर्ज कराया है।
दर्ज मामले में निक्की हेम्ब्रम ने कहा है कि उनके पति स्व. रमेश हेम्ब्रम ने अपनी जमीन इंडियन ऑइल कारपोरेशन लिमिटेड को तीस वर्ष के लिए लीज पर दो नवंबर 1999 को दिया था। उस जमीन पर मेसर्स शिवा सर्विस सेंटर नाम से एक पेट्रोल पंप देवघर के बैजनाथपुर चौक में खोला गया।
पिछले एक माह से अधिक समय से यह पेट्रोल पंप बंद है। निक्की हेम्ब्रम के 21 जनवरी 2012 को उनके पति व नगर थाना क्षेत्र के बिलासी टाउन निवासी महेश चरण द्वारी के बीच व्यवसाय के तौर पर साझेदारी के रूप में चलाने के लिए बांका में एकरारनामा बनाया था।
इसके तहत 80 प्रतिशत लाभ का हकदार उनके पति और 20 प्रति लाभ के हकदार महेश चंद्र द्वारी थे। दोनों के बीच व्यवसाय चल रहा था। कारोबार का देखरेख महेश चरण द्वारी द्वारा कामेश्वर ठाकुर उर्फ गुल्ली ठाकुर को दे दिया था। महेश व कामेश्वर रिश्तेदार हैं।
इस काम में कामेश्वर ठाकुर का बेटा निहाल ठाकुर सहयोग करता था। आरोप है कि इन लोगों ने मिलकर उनके पति को अधिक शराब पिलाना शुरु कर दिया। इस कारण वह बीमार हो गए। वहीं एक वर्ष बीमार रहने के बाद 29 जून 2023 को उनकी मृत्यु हो गई।
पिछले तीन वर्ष से उनके पति ओर उनकी मौत के बाद उन्हें शिवा सर्विस स्टेशन से एक पैसा भी नहीं मिला। जबकि इंडियन आयल कारपोरेशन द्वारा आपूर्ति की गई पेट्रोल व डीजल के हिसाब से तीन वर्ष में मुनाफा के उन्हें 2.02 करोड़ मिलना था जिसका इन लोगों ने गबन कर लिया है।
उनके द्वारा पैसा मांगने पर टाल मटौल किया जाने लगा। वहीं महेश से फोन पर बात करने पर उन्होंने स्वीकार किया कि तीन वर्ष से लाभ नहीं दिया गया है। उन्होंने उन्हें निहाल ठाकुर से बात करने को कहा। उन्हें फोन किया लेकिन उन्होंने फोन रिसिव नहीं किया। बाद में उनके नंबर को रिजेक्ट लिस्ट में डाल दिया।
आरोप है कि उन्हें जान मारने की धमकी भी दी गई। ऐसे में उनका आरोप है कि इन लोगों द्वारा साजिश कर कुछ फर्जी दस्तावेज भी बना लिया गया है। इन दोनों के खिलाफ न्यायालय द्वारा वारंट जारी किया गया। बाद में उनके पकड़े नहीं जाने पर उनके खिलाफ न्यायालय से इश्तेहार जारी किया गया था।
इसी आधार पर आज की कार्रवाई की गई है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक बांका के आनंदपुर पुलिस द्वारा न्यायालय में इस मामले में आइओसीएल के एक अधिकारी, एसबीआइ बैंक के एक मैनेजर, एक आरोपित की पत्नी व इनके सभी व्यवसायिक प्रतिष्ठान के मैनेजर के खिलाफ न्यायालय में वारंट के लिए प्रे किया गया है।
इन लोगों को नियम के तहत 41 सी के तहत नोटिस दिया गया था। नोटिस का संतोषजनक जबाव नहीं मिलने पर उन्हें खिलाफ आगे की कार्रवाई की जा रही है। वहीं पुलिस ने एक अन्य एसबीआइ ब्रांच के मैनेजर को भी 41 सी के तहत नोटिस देकर जबाव मांगा है।
उनके खिलाफ जबाव मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ी तो इस मामले को आर्थिक अपराध शाखा के भी संज्ञान में लाया जा सकता है। वहीं मामले की जांच की जा रही है।
आरोपितों के तीन और पेट्रोल पंप, अन्य प्रतिष्ठान व उनके लेखा जोखा की भी गहन जांच की जा रही है। वहीं इस संबंध में सरकारी विभाग से भी कुछ जानकारी उपलब्ध कराने को कहा गया है। मामले की जांच अभी जारी है।


