
Begusarai: बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (Bihar State Pollution Control Board) के निर्देशानुसार मेडिकल कचरा सही तरीके से निस्तारण नहीं करने के कारण बेगूसराय के पांच निजी अस्पतालों को अगले आदेश तक बंद करने का निर्देश दिया गया है।

मंगलवार को जैव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली की समीक्षा बैठक में डीएम रोशन कुशवाहा यह आदेश दिया है। आदेश का अनुपालन नहीं करने वाला अस्पतालों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। बैठक की अध्यक्षता करते हुए रोशन कुशवाहा ने जैव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली की बिंदुवार समीक्षा की। समीक्षा के दौरान डीएम ने जिले में अस्पताल, क्लिनिक एवं लैब क्लिनिकल एस्टैबलिस्मेन्ट एक्ट के तहत निबंधित अस्पतालों की जानकारी ली।

जिसमें सिविल सर्जन द्वारा अब तक मात्र 38 अस्पतालों एवं क्लिनिकों के निबंधन की जानकारी मिलने पर नाराजगी जाहिर करते हुए निर्देश दिया कि गैर निबंधित अस्पताल, क्लिनिक, लैब नियमानुसार अपना निबंधन सिविल सर्जन कार्यालय से अगले 30 दिनों में करा लें, अन्यथा वैसे अस्पतालों को सील कर दिया जाएगा।
डीएम ने बताया कि बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आदेश के बाद भी चिन्हित अस्पतालों को बंद नहीं किया गया है। इसलिए जिला मुख्यालय के काली स्थान चौक के समीप संचालित डॉ. ए.के. चौधरी के पिपुल नर्सिंग होम, काली स्थान चौक के समीप संचालित डॉ. कृष्ण कुमार के चाइल्ड केयर हॉस्पिटल, काली स्थान चौक के समीप संचालित लोटस आई हॉस्पिटल, एनएच-31 के किनारे सुभाष चौक के समीप संचालित डॉ. राजीव कुमार राय एवं डॉ. सीमा राय के माइरा नर्सिंग होम तथा बलिया में एनएच-31 के किनारे चल रहे डॉ. मीनू माया एवं डॉ. तनवीर आलम के गायत्री हॉस्पिटल आज से कोई नया मरीज भर्ती नहीं करेंगे।
इसके साथ ही अभी भर्ती मरीजों को डिस्चार्ज करने के बाद अस्पताल को बंद कर दिया जाएगा तथा बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से निष्पादन साक्ष्य करने प्राप्त करने तक ये सभी अस्पताल रहेंगे। इस आदेश का उल्लंघन करने पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।



