
कोलकाता: धन की कमी के कारण कोलकाता आतिशबाजी मेला बंद कर दिया गया है। पश्चिम बंगाल आतिशबाजी विकास संघ के अध्यक्ष बाबला रॉय ने शनिवार को बताया कि मेला फिलहाल बंद रहेगा। उन्होंने मेले की वजह पर्याप्त फंड उपलब्ध नहीं होना बताया।

इस मेले की शुरुआत 1996 से हुई थी। तब से दीपावली से सात दिन पहले कोलकाता के शहीद मीनार मैदान में आतिशबाजी का मेला लगता है। इस मेले में सौ से अधिक स्टॉल लगते हैं। यहां सरकार द्वारा तय गाइडलाइन के मुताबिक 90 डेसीबल से कम के पटाखे कम कीमत पर बेचे जाते हैं। पिछले साल कोरोना संक्रमण के चलते मेले को बंद करने का निर्णय लिया गया था। लेकिन अंतिम समय में आतिशबाजी विकास संघ को रक्षा मंत्रालय से मेला आयोजित करने की अनुमति मिल गई थी। कोरोना प्रोटोकॉल के साथ मेले में 30 स्टाल लगाए गए थे। लेकिन इस साल पटाखा व्यापारी लागत में कमी के कारण इस मेले का आयोजन नहीं कर पा रहे हैं।

मेले के आयोजन के लिए रक्षा मंत्रालय को 12 से 15 लाख रुपये किराए के रूप में देने पड़ते हैं। आतिशबाजी विकास संघ को बिजली के लिए सात लाख रुपये और खर्च करने पड़ेंगे। साथ ही हर स्टॉल की कीमत एक लाख रुपये से भी कम है। संगठन के अनुसार, कोलकाता पुलिस और पश्चिम बंगाल दमकल विभाग के लिए अस्थायी शिविरों के निर्माण में भी लाखों रुपये खर्च होंगे। मेले के बुनियादी ढांचे के निर्माण में एक करोड़ रुपये से अधिक का खर्च आता है। 2020 में लगने वाले सांकेतिक आतिशबाजी मेले से भी व्यापारियों को काफी आर्थिक नुकसान हुआ था। इसलिए इस वर्ष मेले को बिना किसी जोखिम के बंद करने का निर्णय लिया गया है।
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