
Nawada: अग्निपथ योजना (Agneepath Scheme) के बाद हुए हंगामे को देखते हुए कोचिंग संचालकों (Coaching Operators) को रजिस्ट्रेशन कराने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी उदिता सिंह ने कहा है कि बगैर रजिस्ट्रेशन के कोचिंग संस्थान (coaching institute) नहीं चलाये जा सकते हैं। अगर चलाए गए तो 1 लाख तक के जुर्माने वसूले जाएंगे। जिले के सभी कोचिंग संस्थानों को नवादा व रजौली के अनुमंडल अधिकारी ने नोटिस थमा दिया है। सरकारी नियमों का पालन नहीं करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन के आदेश पर नवादा बीडीओ अंजनी कुमार ने सभी कोचिंग संचालकों को नोटिस भेजा और सभी छात्रावास चलाने वालों को भी रजिस्ट्रेशन कराने के नोटिस जारी किए गए हैं ।

नवादा के डीएम उदिता सिंह ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी को कोचिंग संचालकों तथा छात्रावास संचालकों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए ताकि शीघ्र ही पंजीयन करा लिया जा सके । रजौली एसडीओ आदित्य कुमार पीयूष ने बताया कि अनुमंडल के सभी प्रखंड के बीडीओ को निर्देश दिया गया है कि अपने अपने प्रखंड क्षेत्र के इलाके में संचालित कोचिंग संस्थान के संचालक को नोटिस कर उनसे कोचिंग के निबंधन का कागजात प्रस्तुत करने को लेकर कहें।
बिना निबंधन कोई भी कोचिंग संचालित नहीं कर सकते

एसडीओ ने कड़े शब्दों में कहा है कि अनुमंडल के किसी भी प्रखंड में बिना निबंधन के कोई भी कोचिंग संचालित नहीं कर सकते हैं। जो लोग अपने कोचिंग का निबंधन नहीं कराए हैं। वह जल्द से जल्द निबंधन करवाने के लिए आवेदन करें। कोचिंग संस्थान को निबंधन के लिए 5 हजार का शुल्क जबकि नवीकरण शुल्क 3 हजार है।
एसडीओ ने कहा कि बिना निबंधन के कोचिंग संचालन करना यह अपराध की श्रेणी में है। 25 हजार रुपए से 1 लाख तक जुर्माना वसूला जा सकता है। एसडीओ के निर्देश का पालन कराने के लिए बीडीओ ने अपने-अपने प्रखंड में संचालित कोचिंग संस्थानों को इसकी सूचना दे दिया है।
बताते चलें कि रजौली प्रखंड में ही सिर्फ दर्जनों की संख्या में बिना निबंधन के कोचिंग संस्थान धड़ल्ले से चल रहे हैं। अगर पूरी अनुमंडल की बात करें तो सैकड़ों की संख्या में कोचिंग संस्थान जो बिना निबंधन के नियमों को ताक पर रखकर संचालित कर रहे हैं।


