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‘कंपनियों के रूप में पंजीकृत संस्थाओं को स्थानीय समाचार प्रदान करने की अनुमति दी जाएगी’

सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि केवल 'कंपनियों' के रूप में पंजीकृत संस्थाओं को ही स्थानीय समाचार और करंट अफेयर्स प्रदान करने की अनुमति दी जाएगी।

निधि राजदान ने NDTV छोड़ा

New Delhi: सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि केवल ‘कंपनियों’ के रूप में पंजीकृत संस्थाओं को ही स्थानीय समाचार और करंट अफेयर्स प्रदान करने की अनुमति दी जाएगी। प्लेटफॉर्म सेवाओं के लिए सूचना और प्रसारण मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, एमएसओ (MSO) जो कंपनी के रूप में पंजीकृत नहीं हैं और स्थानीय समाचार और करंट अफेयर्स प्रदान करने के इच्छुक हैं, उन्हें ‘कंपनी’ में परिवर्तन के लिए कॉपोर्रेट मामलों के मंत्रालय के साथ तीन महीने के भीतर अनिवार्य रूप से आवेदन करना होगा।

दिशानिर्देशों में कहा गया है कि एमएसओ द्वारा पीएस चैनलों के लिए एक सरल ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया 1,000 रुपये प्रति पीएस चैनल के मामूली शुल्क पर है। यह भी कहा गया है कि प्रति ऑपरेटर अनुमत पीएस चैनलों की कुल संख्या को कुल चैनल कैरिज क्षमता के 5 प्रतिशत पर कैप किया जाना है। केबल टेलीविजन नेटवर्क नियम, 1994, मल्टी-सिस्टम ऑपरेटरों (एमएसओ) को अपनी स्वयं की प्रोग्रामिंग सेवा को या तो सीधे अपने ग्राहकों को या एक या अधिक स्थानीय केबल ऑपरेटरों के माध्यम से प्रसारित करने की अनुमति देता है।

प्लेटफॉर्म सर्विसेज (पीएस) के रूप में संदर्भित ये स्वयं की प्रोग्रामिंग सेवाएं, जिनमें अधिकांश ‘स्थानीय-चैनल’ भी शामिल हैं, एमएसओ द्वारा प्रस्तुत स्थानीय स्तर पर उत्पन्न की जाने वाली विशिष्ट प्रोग्रामिंग सेवाएं हैं। केबल टेलीविजन नेटवर्क नियम, 1994 के नियम 6(6) के अनुसार सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने बुधवार को भारत में एमएसओ द्वारा प्रदान की जाने वाली ‘प्लेटफॉर्म सेवाओं’ के संबंध में दिशानिर्देश जारी किए।

सब्सक्राइबरों की स्थानीय भाषा और संस्कृति की आवश्यकता को पूरा करने के लिए, पीएस चैनलों पर कैप की गणना राज्य/केंद्र शासित प्रदेश के स्तर पर की जाएगी। इसके अलावा, जिला स्तर पर स्थानीय सामग्री की आवश्यकता को पूरा करने के लिए प्रत्येक जिले के स्तर पर 2 पीएस चैनलों की अनुमति दी जाएगी। इसके अलावा, सभी पीएस चैनलों को पंजीकृत टीवी चैनलों से अलग करने के लिए ‘प्लेटफॉर्म सर्विसेज’ के रूप में एक कैप्शन देना होगा।

दिशानिर्देशों में शामिल है कि पीएस की सामग्री केवल प्लेटफॉर्म के लिए विशिष्ट होगी और इसे प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से किसी अन्य वितरण प्लेटफॉर्म ऑपरेटर के साथ साझा नहीं किया जाना चाहिए। हालांकि, मंदिरों, गुरुद्वारों आदि जैसे धार्मिक स्थलों से लाइव फीड साझा करने की अनुमति होगी। सभी पीएस चैनलों को इलेक्ट्रॉनिक प्रोग्राम गाइड (ईपीजी) में उनके अधिकतम खुदरा मूल्य और पीएस के सक्रियण/निष्क्रिय करने के विकल्प के साथ ट्राई के लागू आदेशों/निर्देशों/विनियमों के अनुसार एक साथ रखा जाएगा। 

दिशानिर्देशों में कहा गया है कि पीएस की पेशकश करने वाले एमएसओ 90 दिनों की अवधि के लिए सभी पीएस चैनल कार्यक्रमों की रिकॉडिर्ंग बनाए रखेंगे। मंत्रालय ने कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए दिशानिर्देश जारी किए गए हैं कि केबल ऑपरेटरों की नेटवर्क क्षमता का मुख्य रूप से उसी के लिए उपयोग किया जाए।

साथ ही, एमएसओ के लिए दिशानिर्देशों में पर्याप्त प्रावधान किए गए हैं ताकि उनके ग्राहकों द्वारा स्थानीय सामग्री की मांग को पूरा किया जा सके।

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