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न घोड़ा, न रेसकोर्स और न अस्तबल तब भी झारखण्ड में ‘हॉर्स ट्रेडिंग’

झारखंड की राजधानी रांची से पुलिस ने 3 लोगों को एक होटल के कमरे से पैसे भरे बैग के साथ गिरफ्तार किया है। तीनों लोग उसका उपयोग कथित रूप से विधायकों की खरीद-फरोख्त में करने वाले थे।

रांची: झारखंड की राजधानी रांची से पुलिस ने 3 लोगों को एक होटल के कमरे से पैसे भरे बैग के साथ गिरफ्तार किया है। तीनों लोग उसका उपयोग कथित रूप से विधायकों की खरीद-फरोख्त में करने वाले थे। अंदरूनी सूत्रों का यकीन करें तो उन तीनों के पास से महज कुछ लाख रुपए बरामद हुए हैं। हालांकि उन्हें गिरफ्तार कर पुलिस ने जेल भेज दिया है।

झारखंड के माथे पर विधायकों के कथित खरीद-फरोख्त या यूं कहें कि हॉर्स ट्रेडिंग एक ऐसा धब्बा है जो राज्य गठन के बाद से हमेशा लगता रहा है। हॉर्स ट्रेडिंग का पहला मामला 2010 को कंक्रीट रूप से सामने आया था जब सीबीआई ने झारखंड विधानसभा के 11 विधायकों के खिलाफ 20 से अधिक जगहों पर तलाश की थी। वहीं 2012 में झारखंड देश का पहला राज्य बना जहां राज्यसभा चुनाव इसलिए रद्द कर दिया गया कि विधायकों की खरीद-फरोख्त का मामला उठा और राज्यसभा चुनाव स्थगित किये गए। दरअसल 2012 में राज्यसभा चुनाव के ऐन पहले राजधानी रांची के बाहरी इलाके से राज्यसभा चुनाव के एक उम्मीदवार के कथित रिश्तेदार की गाड़ी से बड़ी मात्रा में नोटों से भरे बैग बरामद किए गए थे। इसके बाद से राष्ट्रपति के हस्तक्षेप के बाद राज्यसभा चुनाव स्थगित कर दिए गए। उसके बाद 2012 में भी राज्यसभा चुनावों में हॉर्स ट्रेडिंग की जमकर चर्चा हुई।

2016 में हुए राज्यसभा चुनाव में तत्कालीन मुख्यमंत्री के ऊपर ही हॉर्स ट्रेडिंग का आरोप लगा। तत्कालीन मुख्यमंत्री रघुवर दास इस मामले में अभी भी अभियुक्त हैं। साथ में एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी और रघुवर दास के तत्कालीन राजनीतिक सलाहकार के ऊपर जांच चल रही है। पूर्व मुख्यमंत्री दास के ऊपर आरोप है कि उन्होंने कथित तौर पर कांग्रेस के एक विधायक को बीजेपी के राज्यसभा उम्मीदवार के पक्ष में वोट करने के लिए प्रलोभन दिया था। सबसे बड़ी बात यह है कि हॉर्स ट्रेडिंग के इन कथित आरोपों के बीच झारखंड से वैसे प्रतिनिधि राज्यसभा भेजे गए हैं जिनका प्रदेश से प्रत्यक्ष रुप से किसी तरह का कोई नाता नहीं रहा। उस घड़ी पर अगर नजर डालें तो मुख्तार अब्बास नकवी का नाम सबसे ऊपर आता है, जो राज्यसभा जाने के बाद लौटकर झारखंड झांकने तक नहीं आए। उनके अलावा कुछ ऐसे नाम भी हैं जो हमेशा से चर्चा में रहे हैं उनमें केडी सिंह का भी नाम शामिल है।

अब एक बार फिर झारखण्ड में हॉर्स ट्रेडिंग का मामला फिर से तूल पकड़ा है। सरकार के खिलाफ साजिश के आरोप में जिन तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है, उनके पास से 2 लाख रुपये नगद और स्थानीय विधायकों के साथ हवाई यात्रा के विवरण से संबंधित दस्तावेज पुलिस ने बरामद किये गये हैं। जिन तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है, वे रांची के रातू रोड, बोकारो और पलामू के रहने वाले हैं। आरोप है कि ये सभी विधायकों को खरीद सरकार गिराने की साजिश रच रहे थे। पुलिस छानबीन कर रही है।

इस मामले पर गोड्डा लोकसभा के बीजेपी सांसद डॉ. निशिकांत दुबे ने चुटकी ली है। उन्होंने लिखा है “अब तो दो लाख में चार आदमी मिलकर झारखंड में विधायक ख़रीद रहे हैं । झारखंड के विधायक की क़ीमत मुख्यमंत्री ने 10 हज़ार लगा दिया। “

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