
New Delhi: संसद के अलग-अलग मंत्रालयों से जुड़ी 24 स्थाई समितियों का गठन हो गया है। इन स्थायी समितियों के अध्यक्षों के नामों का ऐलान गुरुवार को ही कर दिया गया है। संचार और सूचना प्रौद्दोगिकी की स्थायी समिति भी गठित की गई है। इस समिति के अध्यक्ष गोड्डा के सांसद निशिकांत दुबे (Nishikant Dubey) हैं। दिलचस्प बात ये है कि इस बीच पैसे लेकर सवाल पूछने के मामले में पिछली बार संसद सदस्यता गंवाने वाली महुआ मोइत्रा (Mahua Moitra) और बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे को लेकर फिर चर्चा शुरू हो गई है। दरअसल, झारखंड के गोड्डा से चार बार के भाजपा सांसद निशिकांत दुबे और टीएमसी की महुआ मोइत्रा संचार और इंफोर्मेशन टेक्नोलॉजी पर एक ही संसदीय स्थायी समिति में आ गए हैं। इसका मतलब है कि निशिकांत दुबे और महुआ मोइत्रा मिलकर समिति में काम करेंगे।

निशिकांत दुबे को समिति का अध्यक्ष नामित किया गया है, जबकि तृणमूल कांग्रेस की तेजतर्रार सदस्य मोइत्रा इस समिति के सदस्यों में शामिल हैं। इनके अलावा समिति में मुखर बीजेपी सदस्य कंगना रनौत भी शामिल हैं। समाजवादी पार्टी की राज्यसभा सदस्य जया अमिताभ बच्चन, जिनका उच्च सदन के सभापति जगदीप धनखड़ और सत्तारूढ़ गठबंधन के सदस्यों के साथ विवाद रहा है, और प्रसिद्ध संगीतकार इलैयाराजा भी इस समिति में हैं।

महुआ मोइत्रा और निशिकांत दुबे के बीच क्या था विवाद?
बता दें कि निशिकांत दुबे की वजह से ही मोहुआ मोइत्रा को पिछले साल अपनी संसदीय गंवानी पड़ी थी। महुआ मोइत्रा और निशिकांत दुबे, दोनों सांसदों के बीच पिछली लोकसभा में पैसे के बदले प्रश्न पूछने के आरोप में तकरार देखने को मिली थी। ‘कैश फॉर क्वेरी’ मामले में महुआ को संसदीय चली गई थी। पिछले साल अक्टूबर में, यह दुबे ही थे जिन्होंने संसद में सवाल पूछने के लिए मोइत्रा पर रिश्वत लेने का आरोप लगाया था और जांच की मांग की थी। इसके बाद यह लड़ाई जारी रही और मामला दिल्ली उच्च न्यायालय पहुंचा। हाई कोर्ट ने मोइत्रा की याचिका खारिज कर दी थी। मोइत्रा को पिछले साल दिसंबर में लोकसभा सांसद के रूप में निष्कासित कर दिया गया था। हालांकि, इस साल हुए लोकसभा चुनाव में उन्होंने बंगाल के कृष्णानगर लोकसभा सीट से जीत दर्ज की थी।
अलग-अलग समिति में ये शामिल
बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे को संचार और आईटी मंत्रालय की समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं बीजेपी नेता भर्तृहरि महताब वित्त मामलों की समिति के अध्यक्ष होंगे। कांग्रेस सांसद शशि थरूर विदेश मामलों और बीजेपी के राधा मोहन दास अग्रवाल गृह मामलों की समिति की अगुवाई करेंगे। रक्षा मामलों की समिति के अध्यक्ष बीजेपी के राधा मोहन सिंह होंगे। राहुल गांधी को रक्षा मंत्रालय से जुड़ी समिति का सदस्य बनाया गया है।
स्थायी समिति का क्या है काम?
बता दें कि संसद की स्थायी समितियों में अलग-अलग दलों के सांसद होते हैं। ये समितियां अलग-अलग विधेयकों और मुद्दों पर विचार करती हैं और सदन को अपनी सिफारिशें देती हैं। संसद की स्थायी समिति सांसदों का एक पैनल है जो विधेयकों और मुद्दों पर विचार करता है। फिर सदन को उस विचार के लिए उपायों की सिफारिश करता है। स्थायी समितियां संसद के एक अधिनियम या कार्य संचालन के नियमों और प्रावधानों के अनुसार स्थापित की जाती हैं।


