Global Statistics

All countries
242,904,646
Confirmed
Updated on Thursday, 21 October 2021, 3:55:35 pm IST 3:55 pm
All countries
218,443,081
Recovered
Updated on Thursday, 21 October 2021, 3:55:35 pm IST 3:55 pm
All countries
4,939,739
Deaths
Updated on Thursday, 21 October 2021, 3:55:35 pm IST 3:55 pm

Global Statistics

All countries
242,904,646
Confirmed
Updated on Thursday, 21 October 2021, 3:55:35 pm IST 3:55 pm
All countries
218,443,081
Recovered
Updated on Thursday, 21 October 2021, 3:55:35 pm IST 3:55 pm
All countries
4,939,739
Deaths
Updated on Thursday, 21 October 2021, 3:55:35 pm IST 3:55 pm
spot_imgspot_img

ये कुफ़्र तुम्हारी ही सदारत में होना था !…..

जिस सत्र में इस प्रस्ताव पर वोटिंग हुई, उसकी अध्यक्षता भारत के विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला कर रहे थे।

Written By: Girish Malviya

जिस सत्र में इस प्रस्ताव पर वोटिंग हुई, उसकी अध्यक्षता भारत के विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला कर रहे थे।

इस बैठक में फ्रांस की तरफ से एक प्रस्ताव पेश किया गया बैठक में तालिबान पर से आतंकी का टैग भी हटा लिया गया है। और भारत समेत 13 देशों ने इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया गया, प्रस्ताव के दौरान पांच बार तालिबान का नाम लिया गया। लेकिन एक बार भी इस संगठन की निंदा नहीं की गई। इस प्रस्ताव में मानवाधिकारों की रक्षा और आतंकवाद के खिलाफ राजनीतिक समझौतों को लेकर भी बातें रखी गईं। लेकिन इसमें इस बात की कहीं भी चर्चा नहीं की गई कि अगर तालिबान बाधा डालता है तो उसको क्या सज़ा दी जाएगी।

बैठक में वीटो पावर वाले रूस और चीन ने इस प्रस्ताव पर दूरी बना ली। इन दोनों देशों ने न तो पक्ष में वोट किया और न ही विपक्ष में, यूएन में रूस के प्रतिनिधि ने कहा कि उन्होंने इस प्रस्ताव से इसलिए दूरी बना ली क्योंकि इसमें उनके सिद्धांतों को शामिल नहीं किया गया है।

उन्होंने कहा कि इस प्रस्ताव में न तो आतंकवाद पर पर्याप्त बात है और न ही मानवता और आर्थिक दृष्टि से सभी बातों को शामिल किया गया है। अफगानिस्तान में तालिबान के कब्जे के बाद अमेरिका ने जिन अकाउंट्स को सीज कर दिया है, उसपर भी कोई बात नहीं की गई है।

भारत से तो इतना भी बोलते नही बना !……

56 इंच की सरकार वालो से तो पुरानी सरकारे कही बेहतर थी जिन्होंने कभी भी तालिबान को मान्यता नहीं दी जबकि 1996 से 2001 तक अफगानिस्तान में तालिबान की ही सरकार थी , आखिर भारत की विदेश नीति पर कौन सा ऐसा दबाव है जो मोदी की सरकार झेल नही पा रही है ?…

अब क्या मुँह रह गया उन लोगों उन बिके हुए एंकर पत्रकारो का, जो इतने दिनों से सुबह शाम चिल्ला चिल्ला कर तालिबान को आतंकी बता रहे थे, इंदौर में आज एक मुस्लिम युवक के बारे में खबर छपी है, कि उसे तालिबान समर्थक होने की वजह से गिरफ्तार कर लिया गया है ! अरे भाई जब आप ऑफिशियल रूप से तालिबान को एक आतंकी संगठन मान ही नही रहे हो तो आप उसे किस जुर्म में गिरफ्तार कर रहे हो !

अब ऐसे एक नही बल्कि कई सवाल खड़े होंगे। ….

(इस लेख में व्यक्त विचार/विश्लेषण लेखक के निजी हैं। इसमें शामिल तथ्य तथा विचार/विश्लेषण ‘N7India’ के नहीं हैं और ‘N7India‘ इसकी कोई ज़िम्मेदारी नहीं लेती है।)

Leave a Reply

spot_img

Hot Topics

Related Articles

Don`t copy text!