
Deoghar: मिड डे मील. इस योजना का उद्देश्य बच्चों को सेहतमंद बनाना है, लेकिन कुछ लोगों की लापरवाही से यह बच्चों के लिए खतरा बनती जा रही है। झारखंड के देवघर में मिड डे मील की लापरवाही ने गुरुवार को बच्चों की सेहत से बड़ा खिलवाड़ किया। मिड डे मील खाने के बाद बड़ी संख्या में बच्चों को पेट दर्द और उल्टी की शिकायत होने लगी। दर्द से छटपटाते बच्चों को अस्पताल ले जाया गया।

जिले के मोहनपुर प्रखंड अंतर्गत राजकृत उत्क्रमित उच्च विद्यालय जमुनिया में पढ़ाई करने वाले 11 बच्चे फूड प्वाइजनिंग से बीमार पड़ गए। आनन फानन में सभी बच्चों को एंबुलेंस के माध्यम से इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंचाया गया। जहां सभी का इलाज किया जा रहा है।

जिन बच्चों का इलाज सदर अस्पताल में किया जा रहा है उनमें सातवीं क्लास की डोली कुमारी, पांचवी क्लास का कुंदन कुमार, निरंजन कुमार, छठी क्लास की करिश्मा कुमारी, शिवानी कुमारी, चौथी क्लास की सोनम कुमारी, छठी क्लास की बबीता कुमारी, दूसरी क्लास की छोटी कुमारी, आठवीं क्लास की साधना भारती और आरती कुमारी के नाम शामिल हैं।
बीमार स्कूली बच्चों ने बताया कि स्कूल में दाल चावल और आलू पटल की सब्जी बनी थी। सभी लोग वही खाए थे। बताया की खाने में मरी हुई छिपकली पाई गई थी।
जानकारी के अनुसार स्कूल से छुट्टी होने के बाद सभी घर जा रहे थे। उसी क्रम में दस्त और उल्टी होने लगी। परिजनों की को जैसे ही जानकारी मिली एंबुलेंस बुलाकर सभी को इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंचाया। जहां चिकित्सकों ने तुरंत सभी का इलाज किया। बीमार बच्चों की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।



