
मुंबई: कोरोना महामारी की वजह से महाराष्ट्र सरकार ने 1 जून सुबह 7 बजे तक लॉकडाउन बढ़ा दिया है। राज्य में COVID-19 के प्रसार को रोकने के लिए राज्य में लॉकडाउन को 15 दिनों के लिए बढ़ा दिया है। इसके अलावा कुछ और प्रतिबंध भी लगाए गए हैं।

महाराष्ट्र में प्रवेश करने वालों के लिए अब नेगेटिव RT-PCR टेस्ट रिपोर्ट अनिवार्य है। इसके अलावा, स्थानीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (Disaster Management Authority) को विशिष्ट क्षेत्रों में आगे प्रतिबंध लगाने और COVID-19 का प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने पर स्थानीय बाजारों को बंद करने का अधिकार दिया गया है।
क्या हैं नए नियम?
- महाराष्ट्र जाने वाले किसी भी व्यक्ति को राज्य में प्रवेश के समय से पहले अधिकतम 48 घंटे तक जारी एक नेगेटिव RT-PCR टेस्ट रिपोर्ट देनी होगी।
- कार्गो वाहक में दो से अधिक व्यक्तियों को यात्रा करने की अनुमति नहीं होगी। यदि कार्गो वाहक राज्य के बाहर से आ रहे हैं तो नेगेटिव आरटी-पीसीआर टेस्ट रिपोर्ट जरूरी है।
- स्थानीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण COVID-19 उचित व्यवहार सुनिश्चित करने के लिए ग्रामीण बाजारों और APMCs पर कड़ी निगरानी रखेगी। यदि स्थिति को प्रबंधित करना मुश्किल है, तो डीएमए बाजारों को बंद कर सकते हैं।
- दूध संग्रह, परिवहन की अनुमति बिना किसी प्रतिबंध के दी जाएगी।
- जरूरी सेवाओं की होम डिलीवरी जारी रहेगी। रेस्तरां को केवल होम डिलीवरी के लिए संचालित करने की अनुमति है।
- हवाई अड्डे और बंदरगाह सेवाओं में लगे कार्मिक और जिन्हें कोरोना प्रबंधन के लिए दवा या उपकरण से संबंधित कार्गो की आवाजाही की आवश्यकता है, उन्हें स्थानीय, मोनो और मेट्रो सेवाओं में यात्रा करने की अनुमति दी जाएगी।
- स्थानीय डीएमए राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को सूचना देने के साथ विशिष्ट क्षेत्रों में अधिक प्रतिबंध लगा सकते हैं। हालांकि, इस तरह के प्रतिबंध लगाने से पहले कम से कम 48 घंटे का सार्वजनिक नोटिस देना होगा।

फिलहाल महाराष्ट्र में 5,48,507 सक्रिय कोरोनो वायरस मामले हैं, वहीं अब तक राज्य में कोरोना की वजह से 78,007 लोगों की मौत हो गई है।


