
नई दिल्ली: देश के कई राज्यों में कोयले की कमी गहराते बिजली संकट की खबरों के बीच केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह ने बड़ा बयान दिया है। आज पदाधिकारियों के साथ हुई बैठक में ऊर्जा मंत्री ने कोयले की कमी से निपटने के लिए इंतजामों पर चर्चा की और बैठक के बाद आरके सिंह ने बड़ा बयान दिया कि- इस तरह की खबरें ‘निराधार’ हैं। ना तो संकट कभी था, न आगे होगा। उन्होंने कहा कि हमारे पास आज के दिन में कोयले का चार दिन से ज़्यादा का औसतन स्टॉक है, हमारे पास प्रतिदिन स्टॉक आता है. कल जितनी खपत हुई, उतना कोयले का स्टॉक आया .

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली समेत 6 राज्यों में बिजली संकट की आहट शुरू हो गई है। राज्यों ने केंद्र सरकार से बिजली संकट से निपटने के लिए कोटा के हिसाब से राज्य की कोयला आपूर्ति को बढ़ाने की मांग की है। दिल्ली के बिजली मंत्रालय BSES और टाटा पावर के अधिकारियों ने बिजली प्लांट में कोयले की कमी को लेकर केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह से मुलाकात की। ऊर्जा मंत्री ने भरोसा दिलाया है कि दिल्ली को आवश्यक बिजली सप्लाई हो रही है और वो आगे भी जारी रहेगी।

केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि मोदी सरकार सभी को आश्वस्त कर रही है कि बिजली आपूर्ति बाधित होने का कोई खतरा नहीं है। कोल इंडिया लिमिटेड के पास 24 दिन की कोयले की मांग के बराबर 43 मिलियन टन कोयले का पर्याप्त स्टॉक है। थर्मल पावर प्लांट्स में रोलिंग स्टॉक दैनिक आपूर्ति के साथ भरा जा रहा है। उन्होंने कहा कि मानसून की वापसी के साथ, आने वाले दिनों में कोयले की खेप बढ़ने से कोयले का स्टॉक बढ़ जाएगा। कोयले का पर्याप्त भंडार है, डरने की जरूरत नहीं है।
बिजली की कमी नहीं होगी: आरके सिंह
केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आर के सिंह ने भी कहा – बिजली की कमी नहीं होगी। हमारे पास एक औसत कोयला भंडार (पावर स्टेशन पर) है जो 4 दिन से अधिक समय तक चल सकता है। स्टॉक हर दिन भर दिया जाता है। मैं केंद्रीय कोयला और खान मंत्री प्रह्लाद जोशी के संपर्क में हूं। कोयले की कमी को लेकर डर पैदा किया जा रहा है। इसकी वजह GAIL और टाटा के बीच हुआ गलत कम्युनिकेशन है।
बिजली संकट से संबंधित मैसेज भेजने पर कार्रवाई होगी
सिंह ने कहा कि वास्तव में न तो कोई संकट था और न ही कोई संकट है। मैंने टाटा पावर के CEO को कार्रवाई की चेतावनी दी है, अगर वे ग्राहकों को डर पैदा करने वाले आधारहीन मैसेज भेजते हैं तो कार्रवाई होगी। GAIL और टाटा पावर के मैसेज गैर-जिम्मेदाराना हैं।
दिल्ली को मिलती रहेगी सप्लाई
सिंह ने कहा कि बिजली संकट को लेकर पैनिक तब हुआ, जब GAIL ने भवाना पावर प्लांट को सूचित किया कि 2 दिन बाद वो पावर सप्लाई रोक देंगे। मंत्री ने बताया कि GAIL का कॉन्ट्रेक्ट खत्म होने वाला था। उन्होंने कहा कि आज बैठक में शामिल GAIL के CMD को मैंने सप्लाई जारी करने को कहा है।
कई मुख्यमंत्रियों ने केंद्र सरकार को लिखी चिट्ठी
गुजरात, पंजाब, राजस्थान, दिल्ली और तमिलनाडु सहित कई राज्यों ने बिजली प्लांट में कोयले की कमी पर चिंता जताई है। बिजली संकट की आशंका को देखते हुए कई मुख्यमंत्रियों ने केंद्र सरकार को पत्र लिखा है। दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर दखल देने की मांग की है। वहीं, आंध्र प्रदेश और पंजाब के मुख्यमंत्रियों ने भी इस संबंध में केंद्र को चिट्ठी भेजी है।
कोयला संकट की वजह से परेशानी
देश में लगभग 70% बिजली कोयले से बनती है। बिजली उत्पादन के लिए पावर प्लांट्स के पास कोयले का स्टॉक काफी कम रह गया है। देश में कोयले के 135 पावर प्लांट हैं। इनमें अभी 2 से 4 दिन का स्टॉक है। केंद्र सरकार का कहना है कि हर रोज नया स्टॉक आ जाता है।


