Deoghar News : देवघर के कुख्यात गैंगेस्टर शिवाशिष कश्यप उर्फ रिंकु उर्फ शिबू मिश्रा की शनिवार को मौत हो गयी। प्रथमदृष्टया उसकी मौत हृदयाघात से होने की बात सामने आयी है। एसपी प्रवीण पुष्कर ने बताया कि घटना के वक्त शिबू अपने घर में ही मौजूद था और उसके स्वजन भी वहां थे। अचानक उसके सीने में तेज दर्द हुआ। परिवार के लोगों ने तत्काल सीपीआर दिया, जिसके बाद उसे इलाज के लिए देवघर सदर अस्पताल ले जाया गया।

जांच के बाद चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। एसपी ने बताया कि प्रथमदृष्टया मामला स्वाभाविक मौत का प्रतीत हो रहा है। मेडिकल बोर्ड द्वारा शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। स्वजनों की ओर से उसकी मौत को लेकर किसी के खिलाफ कोई आरोप नहीं लगाया गया है। हालांकि पुलिस मामले की जांच कर रही है।
बाबा परिहस्त की मौत के बाद संभाल रहा था गिरोह की कमान

जानकारी के अनुसार कुख्यात गैंगेस्टर बाबा परिहस्त की मौत के बाद शिबू मिश्रा उसके गिरोह की कमान संभाल रहा था। उसके इशारे पर रंगदारी वसूली और जमीन पर कब्जा दिलाने का खेल चलने की बात सामने आयी थी। शिबू के खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज थे और वह कई बार जेल भी जा चुका था। पिछले कुछ समय से पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। इसी क्रम में पुलिस ने हाल ही में उसके गिरोह के दो कुख्यात सदस्यों सहित चार लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
मेडिकल बोर्ड ने किया पोस्टमार्टम
शिबू मिश्रा के शव का शनिवार को मेडिकल बोर्ड द्वारा पोस्टमार्टम किया गया। बोर्ड में डा. कुंदन कुमार, डा. संजय कुमार और डा. अशोक अनुज शामिल थे। बताया गया कि मौत की सूचना मिलने के बाद स्वजन शव को अस्पताल से लेकर चले गये थे। सूचना मिलने पर नगर थाना प्रभारी रवि ठाकुर सहित अन्य पुलिस पदाधिकारी अस्पताल पहुंचे, लेकिन तब तक स्वजन शव लेकर जा चुके थे। बाद में शव को वापस लाया गया और पोस्टमार्टम कराया गया पोस्टमार्टम के दौरान पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये थे। पोस्टमार्टम हाउस और आसपास के इलाके में पुलिस बल की तैनाती की गयी थी।
ढाई दर्जन से अधिक मामलों का था आरोपित
शिबू मिश्रा के खिलाफ जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में ढाई दर्जन से अधिक मामले दर्ज होने की जानकारी है। इनमें 27 मामलों में उसके जेल जाने की बात बतायी गयी है। उसके खिलाफ हत्या, डकैती, लूट, रंगदारी, हत्या का प्रयास, मारपीट और आर्म्स एक्ट के तहत मामले दर्ज हैं। नगर, कुंडा, मोहनपुर और मधुपुर थाना में उसके खिलाफ मामले दर्ज हैं।
पुलिस के अनुसार नगर थाना में उसके खिलाफ सबसे अधिक 17 मामले दर्ज हैं। इसके अलावा मधुपुर थाना में चार, मोहनपुर थाना में चार और कुंडा थाना में दो मामले दर्ज हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक शिबू शुक्रवार को ही दिल्ली से देवघर लौटा था। घर पर ही अचानक उसकी तबीयत बिगड़ी और उसकी मौत हो गयी। यह भी बताया जाता है कि उसे नशे की आदत थी और वह काफी नशा करता था।
गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में छापेमारी
पुलिस शहर में सक्रिय बदमाशों और रंगदारों के खिलाफ कार्रवाई में जुटी है। इसी क्रम में दिवंगत बाबा परिहस्त गिरोह के दो कुख्यात बदमाशों सहित चार युवकों को हाल ही में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। अब गिरोह के एक अहम सदस्य शिबू मिश्रा की मौत के बाद पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में सघन छापेमारी कर रही है।
पुलिस का प्रयास है कि ऐसे तत्वों पर जल्द से जल्द लगाम लगायी जाए। इससे पूर्व रंगदारी के आरोप में एक अन्य गिरोह के चार सदस्यों को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था, जबकि उसी गिरोह के चार अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।



