Deoghar: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) संयुक्त स्नातक स्तरीय (CGL) परीक्षा में धांधली और फर्जीवाड़े का कनेक्शन अब झारखंड के देवघर जिले से जुड़ गया है। जिले की रिखिया थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर बैजनाथपुर बंधा इलाके में छापेमारी कर एक संदिग्ध युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है।

शुरुआती पूछताछ में आरोपी ने परीक्षा फर्जीवाड़े को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। सूत्रों के अनुसार, आरोपी ने स्वीकार किया हैं कि 24 से अधिक छात्रों को परीक्षा पास कराने का सौदा तय किया था। आरोपी के अनुसार, हजारीबाग जिले में एक गुप्त ठिकाने पर लगभग 1,200 अभ्यर्थियों को एक साथ रखकर सीजीएल परीक्षा के प्रश्न और उत्तर रटाए गए थे।

आरोपी ने पुलिसिया पूछताछ में दावा किया कि उसका तबादला दुमका हो जाने के कारण वह देवघर में रह रहा था। हालांकि, जांच एजेंसियों का मानना है कि सीआईडी की कार्रवाई और संभावित गिरफ्तारी से बचने के लिए वह देवघर में छिपा हुआ था।
गिरफ्तार आरोपी मूल रूप से सीमावर्ती बिहार के बांका जिले (जयपुर थाना क्षेत्र) का निवासी है और वर्ष 2018 से रांची स्थित राज्य सचिवालय में लिपिक के पद पर कार्यरत था। पुलिस ने आरोपी के पास से कई अभ्यर्थियों के शैक्षणिक प्रमाण पत्र, चेकबुक और अन्य कई अहम दस्तावेज बरामद किए हैं।
जानकारी के अनुसार मामले की गंभीरता को देखते हुए, रांची से सीआईडी की एक विशेष टीम देवघर पहुंच चुकी है। कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद सीआईडी आरोपी को रिमांड पर लेकर पूछताछ के लिए रांची लेकर जाएगी।



