
Deoghar: 13 साल पुराने दोहरे हत्याकांड में अदालत ने आठ आरोपियों को दोषी करार दिया है। एडीजे तृतीय सह विशेष न्यायाधीश राजेंद्र कुमार सिन्हा की अदालत ने हत्या, आगजनी समेत अन्य धाराओं में सुनवाई पूरी करने के बाद आठों को दोषी पाया। इनकी सजा के बिंदु पर 31 अगस्त को अभियोजन और बचाव पक्ष की बहस सुनने के बाद अदालत सजा सुनायेगी।

मामले में 2013 में मुकेश कुमार सिंह और उनके चालक सोनू कुमार शर्मा की भीड़ ने लाठी, रड और अन्य हथियारों से पीट-पीट कर हत्या कर दी थी। दोषी पाये गये आरोपियों में मंतोष यादव, कुणाल कुमार साह उर्फ भट्ट साह, बालेश्वर महतो, रंजय यादव, संजय यादव, पंचू राउत, दिनेश यादव व अमित कुमार सोनी उर्फ चाणक्य शामिल हैं। ये रोहिणी के अजान टोला, दीवान टोला, सोनार टोला व रोहिणी-नावाडीह के रहनेवाले हैं।

यह मुकदमा देवीपुर थाना के बाघमारी गांव निवासी रामस्वरुप राय के बयान पर 27 अगस्त 2013 को जसीडीह थाना में दर्ज हुआ था। इसमें सूचक के दामाद और देवीपुर थाना के बरगुनिया गांव निवासी मुकेश कुमार सिंह एवं जसीडीह थाना के बसुआडीह गांव निवासी सोनू कुमार शर्मा को लाठी एवं रड से पीट-पीट कर हत्या करने आरोप लगाया गया था। मामले सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष 12 लोगों ने घटना के समर्थन में गवाही जबकि बचाव पक्ष से 16 लोगों ने गवाही दी।
अदालत ने अभियोजन एवं बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं की बहस सुनी और सभी आरोपियों को दोषी करार दिया। अभियोजन पक्ष से अपर लोक अभियोजक सुनील कुमार सिंह ने पक्ष रखा एवं दोष सिद्ध कराने में कामयाब रहे, बचाव पक्ष से अधिवक्ता काशी प्रसाद यादव, वीरेंद्र कुमार सिंह एवं अंजनी कुमार मिश्रा ने पक्ष रखा, लेकिन दोषमुक्त कराने में विफल रहे। इस मामले में 13 साल संघर्ष के बाद सूचक एवं मृतक द्वय के परिजनों को न्याय मिला।
मृतक मुकेश सिंह की मां आशा देवी ने कहा कि मुझे न्यायालय पर भरोसा था। मैं विगत 13 वर्षों से धैर्य बनाये रखी थी और अंततः लंबे समय तक संघर्ष के बाद न्याय मिला ,कहा है कि वह अधिवक्ता सह एजीपी अशोक राय की बड़ी बहन है, जो समय-समय पर सही मार्गदर्शन देते रहे।
क्या था मामला
दर्ज मुकदमा के अनुसार मुकेश कुमार सिंह अपनी बोलेरो लेकर अपनी नतनी के पास 25 हजार रुपये लेकर भागलपुर जा रहे थे। उसके साथ ड्राइवर सोनू कुमार शर्मा भी साथ थे। बोलेरो के पीछे-पीछे बाइक से सूचक रामस्वरूप राय भी जा रहे थे। देवघर में उन्हें कुछ कपड़े एवं प्रसाद खरीद कर देना था। जसीडीह थाना के रोहिणी अजानटोला गांव के निकट कुछ लोगों ने उसके वाहन को रोका एवं छानबीन करने लगे। इसी बात को लेकर युवकों व मुकेश कुमार सिंह के बीच विवाद हो गया एवं उग्र होकर पीटने लगे। वह वाहन चला कर तेजी से आगे बढ़ने लगा, लेकिन रोहिणी रेलवे क्रॉसिंग के पास रेलवे फाटक बंद रहने के चलते वाहन को फाटक के पास से कुम्हड़ाबाद बहियार की ओर मोड़ दिया। वहां पर काफी लोगों की भीड़ ने वाहन को घेर लिया एवं लाठी- रड, भाला आदि से प्रहार करते रहा, जिससे घटनास्थल पर दोनों की मौत हो गयी। उग्र भीड़ ने वाहन में आग लगा दी व 25 हजार रुपये भी निकाल लिये। इस संदर्भ में जसीडीह थाना में केस दर्ज हुआ, जिसमें कुल 11 लोगों के नामों का खुलासा पुलिस ने जांच के दौरान किया था। इसमें दो आरोपियों की मौत ट्रायल के दौरान हो गयी एवं एक आरोपी फरार है। शेष आठ आरोपियों का ट्रायल चला एवं दोषी करार दिया गया।



